खरात प्रकरण: एसआईटी जांच तेज हुई, मंदिर के पुरोहित एवं चौकीदार से हुई पूछताछ
खरात प्रकरण: एसआईटी जांच तेज हुई, मंदिर के पुरोहित एवं चौकीदार से हुई पूछताछ
मुंबई/नासिक, 22 मार्च (भाषा) स्वयंभू बाबा अशोक खरात के विरूद्ध लगे बलात्कार, नर बलि और काला जादू के आरोपों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ईशानेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और नासिक के एक चौकीदार से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि मर्चेंट नेवी अधिकारी से स्वयंभू ज्योतिषी एवं स्वयंभू बाबा बने अशोक खरात का इस पुजारी से संबंध है।
उन्होंने बताया कि भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी ने एक दिन पहले खरात के कार्यालय के एक कर्मचारी से सात घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।
खरात को 35 वर्षीय एक महिला की शिकायत पर 18 मार्च को बलात्कार और अन्य अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। महिला ने आरोप लगाया कि खरात ने तीन साल के दौरान कई बार उसके साथ बलात्कार किया।
जांच में खुलासा हुआ है कि खरात की नेताओं के बीच अच्छी पैठ है तथा नासिक जिले के सिन्नर और कुछ अन्य क्षेत्रों में भूखंडों के लेन-देन से भी उसका संबंध रहा है।
अधिकारी ने बताया, ‘‘रविवार को एसआईटी ने मीरगांव के ईशानेश्वर महादेव मंदिर के कार्यवाहक पुजारी प्रमोद गडख और एक चौकीदार से पूछताछ की। शनिवार को एसआईटी ने शिरडी थाने में दर्ज एक मामले के संबंध में खरात के कार्यालय के कर्मचारी नीरज जाधव से सात घंटे तक पूछताछ की थी।”
अधिकारी ने बताया कि जांच के तहत खरात के मीरगांव स्थित फार्महाउस, टिकडे कॉलोनी बंगले और कनाडा कॉर्नर कार्यालय से सीसीटीवी डीवीआर जब्त किए गए हैं।
अधिकारी ने बताया कि खरात वावी, शिरडी और सरकारवाड़ा थानों में कथित जबरन वसूली, ब्लैकमेल, बलात्कार और काला जादू को लेकर में दर्ज किये गये कई मामलों में नामजद है।
अधिकारी ने बताया कि 24 वर्षीय एक महिला की तस्वीरें प्रसारित करने की धमकी देने के आरोप में उसपर भारतीय न्याय संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सरकारवाड़ा थाने में दर्ज यह मामला एक महिला की शिकायत पर आधारित है, जिसमें खरात पर बलात्कार, नर बलि और काला जादू का आरोप लगाया गया है।
अधिकारी ने बताया कि खरात पर बीएनएस और महाराष्ट्र नरबलि एवं अन्य अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथा रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
संयोगवश, खरात ने खुद वावी थाने में दो व्यक्तियों के खिलाफ अश्लील तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि मामला बीएनएस और आईटी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि जांचकर्ता संभावित पीड़ितों से संपर्क कर रहे हैं तथा आने वाले दिनों में खरात के खिलाफ और भी मामले दर्ज होने की संभावना है।
इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, राज्य के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शनिवार को 2020 के उस सरकारी प्रस्ताव (जीआर) को रद्द कर दिया, जिसमें मीरगांव में खरात से जुड़े शिवनिक संस्थान ट्रस्ट को डारना बांध से प्रतिदिन 39 लाख लीटर पानी ‘पीने के उद्देश्य से’ लेने की अनुमति दी गई थी।
आरोप है कि खरात ने इस पानी को अपने आम के बागों में इस्तेमाल किया।
इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि खरात से जुड़े मामले की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की देखरेख में उच्च स्तरीय जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन

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