महाराष्ट्र: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के लिए दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा

महाराष्ट्र: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के लिए दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा

महाराष्ट्र: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने के लिए दोषी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा
Modified Date: September 29, 2026 / 11:35 pm IST
Published Date: September 29, 2026 11:35 pm IST

जालना, 29 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के जालना की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2024 में 14 साल की एक लड़की से दुष्कर्म करने के मामले में 24 वर्षीय आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उस पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रुपेश मोरे ने उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के रहने वाले फैजान अहमद अब्बास हुसैन को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) (16 साल से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की रकम पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दी जाए।

अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को भी पीड़िता को मुआवजे के तौर पर 50,000 रुपये देने का निर्देश दिया।

सरकारी वकील वर्षा मुकिम ने बताया कि आरोपी जालना में एक निर्माणाधीन मकान में मिस्त्री का काम करता था और उसी जगह लड़की के पिता चौकीदार के तौर पर काम करते थे।

लड़की का परिवार निर्माण स्थल पर ही रहता था।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 2024 में उसका यौन उत्पीड़न किया और धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो वह उसके माता-पिता को मार डालेगा।

शिकायत के मुताबिक, 29 दिसंबर, 2024 को आरोपी ने पीड़िता का फिर यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की, जिसके बाद उसने अपनी मां को बताया और इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों से पूछताछ की, जिनमें पीड़िता, उसके माता-पिता, मेडिकल जांच करने वाले चिकित्सक, पुलिस अधिकारी और पीड़िता की उम्र तय करने वाले ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल थे।

अदालत ने सबूतों और दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

सरकारी वकील ने कहा कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया, तो दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

भाषा राजकुमार जितेंद्र

जितेंद्र


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