शिंदे नीत शिवसेना के कई पार्षद मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं चाहते: राउत का दावा
शिंदे नीत शिवसेना के कई पार्षद मुंबई में भाजपा का महापौर नहीं चाहते: राउत का दावा
मुंबई, 18 जनवरी (भाषा) मुंबई नगर निकाय चुनाव में महायुति गठबंधन को सामान्य बहुमत मिलने के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा नवनिर्वाचित सदस्यों को होटल में स्थानांतरित किए जाने के बीच शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने पर्दे के पीछे की घटनाओं की ओर इशारा किया है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के बाद मुंबई में महापौर पद को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने 29 पार्षदों को शहर के एक लग्जरी होटल में स्थानांतरित कर दिया है।
यह कदम बीएमसी चुनावों के परिणामों की घोषणा के बाद उठाया गया। शिवसेना का कदम यह प्रदर्शित करने वाला प्रतीत होता है कि शिंदे की पार्टी द्वारा जीती गईं सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
बीएमसी चुनाव में भाजपा 89 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा था कि अगर ‘‘देव’’ चाहें तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिंदे की पार्टी अपनी सहयोगी भाजपा द्वारा खरीद-फरोख्त किए जाने की आशंका से डरी हुई है।
ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाक में पूछा कि क्या ‘देव’ से उनके पूर्व सहयोगी का तात्पर्य ‘‘मुझसे’’ है या ‘‘ऊपर वाले भगवान’’ से।
फडणवीस ने कहा, ‘‘मुझे भी ‘देव’ भी कहा जाता है, इसलिए मैं पूछ रहा हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऊपर वाले भगवान ने तय किया है कि महायुति का महापौर होगा।’’
बीएमसी (227 सदस्यीय) में भाजपा और शिवसेना के 118 सीट के मामूली बहुमत ने संभावित ख्रीद-फरोख्त के प्रति गठबंधन की कमजोरी को उजागर कर दिया है।
विपक्षी खेमे में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) को 65 सीट पर जीत हासिल हुई, जबकि उसकी सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) छह वार्डों में विजयी रही।
वंचित बहुजन अघाडी (वीबीए) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 सीट, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को आठ, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शरदचंद्र पवार) को एक सीट पर जीत हासिल हुई।
काल्पनिक परिदृश्य में अगर विपक्ष एकजुट हो जाता है तो उसकी कुल सीट 106 होंगी, जो बीएमसी में बहुमत के आंकड़े से सिर्फ आठ सीट कम हैं, और शायद यही कारण है कि शिंदे ने शिवसेना के पार्षदों को होटल में पहुंचा दिया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्षदों की ‘घर वापसी’ होगी, राउत ने कहा, ‘‘कई नए पार्षद मूल रूप से शिवसैनिक (अविभाजित शिवसेना के) हैं। हमारी समझ यह है कि हर कोई नहीं चाहता कि भाजपा का मेयर चुना जाए। यहां तक कि शिंदे भी मुंबई में भाजपा का मेयर नहीं चाहते।’’
उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बीच (मेयर पद को लेकर) चर्चा हुई है।
राउत ने कहा, ‘‘हम इसे तटस्थ होकर देख रहे हैं। पर्दे के पीछे बहुत कुछ हो रहा है।’’
शिवसेना नेता शीतल म्हात्रे ने होटल से जुड़ी राजनीति की अटकलों को खारिज किया।
इस बात पर जोर देते हुए कि शिवसेना और भाजपा ने महायुति के रूप में चुनाव लड़ा, म्हात्रे ने कहा कि 29 पार्षदों में से 20 पहली बार चुने गए हैं और उन्हें यह समझने की जरूरत है कि बीएमसी कैसे काम करती है।
म्हात्रे ने कहा, ‘‘हमें होटल की राजनीति का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। निर्वाचित पार्षदों ने शिवसेना (उबाठा) के उम्मीदवारों को हरा दिया है।’’
भाषा शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल

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