मराठा आरक्षण की मांग: फडणवीस ने अन्य समुदायों के हिस्से में कटौती नहीं होने का आश्वासन दिया
मराठा आरक्षण की मांग: फडणवीस ने अन्य समुदायों के हिस्से में कटौती नहीं होने का आश्वासन दिया
मुंबई, आठ सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनशन मंगलवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार संविधान के तहत जो भी संभव होगा, वह करेगी, लेकिन किसी एक समुदाय के हिस्से में कटौती कर दूसरे समुदाय को आरक्षण नहीं दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मराठा आरक्षण के मुद्दे और उन खबरों को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे, जिनमें कहा गया था कि जरांगे के आंदोलन पर चर्चा के लिए सरकार ने देर रात बैठक की थी।
जरांगे ने 29 अगस्त से जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू किया। वह मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में हैदराबाद और सतारा गजट रिकॉर्ड लागू करना तथा मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है।
कुनबी एक पारंपरिक कृषि (खेती-किसानी) समुदाय है, जिसे आधिकारिक रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके चलते उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कार्यकर्ताओं ने भी गांव में ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण में हिस्सेदारी की रक्षा के लिए आंदोलन किया था।
फडणवीस ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने अब तक मराठा समुदाय से जुड़े सभी बड़े फैसले लिए हैं और आगे भी जरूरत के मुताबिक फैसले किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये फैसले संविधान के दायरे में और अदालत के आदेशों के अनुरूप होंगे।
उन्होंने नवी मुंबई के उरण में संवाददाताओं से कहा, ‘संविधान के तहत जो भी संभव होगा, वह निश्चित रूप से दिया जाएगा। जो भी मामला अदालत के फैसले के अधीन होगा, उस पर उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हम किसी एक समुदाय के हिस्से में कटौती कर उसे दूसरे समुदाय को देने नहीं जा रहे हैं।’
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने केवल कागजों पर फैसले नहीं लिए हैं, बल्कि इन फैसलों का वास्तविक लाभ मराठा समुदाय को दिखाई दे रहा है।
फडणवीस ने कहा, ‘हम वह सब कुछ करेंगे जो संभव है। हमने कभी बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए हैं। सरकार चर्चा के माध्यम से ही समाधान निकालती है और पूरी प्रक्रिया इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है।’
मराठा समुदाय की ओर से उठाए गए सभी मुद्दों के समाधान के दावों पर उन्होंने कहा, ‘जो भी मुद्दे उठाए गए थे, उनका समाधान कर दिया गया है। अगर उन्हें लगता है कि अभी भी कोई कमी रह गई है या कोई संदेह है तो वे उसे सामने रखें और उनके संदेह दूर कर दिए जाएंगे।’
भाषा तान्या पवनेश
पवनेश

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