UP Textiles Conclave-2026: योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन, यूपी में नए निवेश के लिए कई एमओयू, इन कंपनियों को LOC जारी

योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन, यूपी में नए निवेश के लिए कई एमओयू, Entrepreneurs got encouragement from textile policy of Yogi government

UP Textiles Conclave-2026: योगी सरकार की टेक्सटाइल नीति से उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन, यूपी में नए निवेश के लिए कई एमओयू, इन कंपनियों को LOC जारी
Modified Date: September 8, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: September 8, 2026 3:43 pm IST

लखनऊ। UP Textiles Conclave-2026: यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 में मंगलवार को प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया। यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत छह इकाइयों को लेटर ऑफ कमेंडेशन दिए गए, जबकि पांच इकाइयों को नीति के तहत वित्तीय लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया।

UP Textiles Conclave-2026: यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत मेसर्स शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद को 30 करोड़ 50 लाख रुपये का लेटर ऑफ कमेंडेशन दिया गया। राजलक्ष्मी कॉटन मिल्स, गौतमबुद्धनगर को 12 करोड़ 69 लाख 80 हजार रुपये, आधुनिक मैटेरियल एंड साइंसेज, कानपुर को 10 करोड़ रुपये, पी एग्रो इंडिया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, बरेली को 7 करोड़ 72 लाख रुपये, रामकुमार एग्रो प्रोडक्ट, बरेली को 6 करोड़ 69 लाख रुपये और आरएस पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, चंदौली को 6 करोड़ 34 लाख रुपये का लेटर ऑफ कमेंडेशन दिया गया।

नीति के तहत उद्यमियों को वित्तीय लाभ भी प्रदान किए गए। जीईएससी स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड, रामपुर के निदेशक संदीप खंडेलवाल को 32 करोड़ 68 लाख 59 हजार रुपये का वित्तीय लाभ दिया गया। पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड, अंबेडकरनगर को 5 करोड़ 26 लाख 23 हजार रुपये और एमको एक्सपोर्ट, बुलंदशहर को 3 करोड़ 75 लाख रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया। सक्षम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर और मेसर्स एंड पीएग्रो लिमिटेड को भी नीति के तहत वित्तीय लाभ दिया गया।
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। इनमें एलायंस ग्रुप, आइकोनिक ग्लोबल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, यूनाइटेड एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड, टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, एमआई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, एएमडी इंडस्ट्रीज, महालक्ष्मी टेक्नोप्रैक प्राइवेट लिमिटेड, ऋचा ग्लोबल और रचित प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहे।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।