आंध्र प्रदेश सरकार ने डीएससी शिक्षक भर्ती में खेल कोटे से चयन में अनियमितताओं के आरोप खारिज किये
आंध्र प्रदेश सरकार ने डीएससी शिक्षक भर्ती में खेल कोटे से चयन में अनियमितताओं के आरोप खारिज किये
अमरावती, आठ सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश की स्कूल शिक्षा आयुक्त तमीम अंसारिया और आंध्र प्रदेश खेल प्राधिकरण (एसएएपी) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भरानी ने सोमवार को आधिकारिक रिकॉर्ड, भर्ती नियमों और सत्यापन रिपोर्ट का हवाला देते हुए ‘मेगा डीएससी-2025’ शिक्षक भर्ती में खेल कोटे के तहत उम्मीदवारों के चयन में अनियमितताओं के आरोपों का खंडन किया।
अधिकारियों ने एक संवाददाता सम्मेलन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की योग्यता, जाति प्रमाणपत्र और खेल उपलब्धियों से जुड़े आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कई चयनित शिक्षकों की पात्रता साबित करने के लिए अभ्यर्थी-वार स्पष्टीकरण और दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए।
अंसारिया और भरानी का यह स्पष्टीकरण मेगा जिला चयन समिति (डीएससी)-2025 शिक्षक भर्ती में कथित धोखाधड़ी को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी समेत विभिन्न पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद आया है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में अंसारिया और भरानी के हवाले से कहा गया है, ‘‘मेगा डीएससी-2025 में खेल कोटे के तहत उम्मीदवारों के चयन से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड, लागू नियमों और सत्यापन रिपोर्ट की जांच की गई है।’’
अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, टीईटी में प्राप्त अंक, सामाजिक श्रेणी और खेल उपलब्धियों की लागू भर्ती नियमों के अनुसार जांच की गई थी।
उन्होंने कहा कि केवल अपुष्ट दावों के आधार पर किसी पात्र उम्मीदवार को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, जांच में यदि फर्जी प्रमाणपत्र या पात्रता संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने इस स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज महिला अधिकारियों ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी और फर्जी खबरों के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी। दो महिला अधिकारियों ने सच्चाई सामने रखी, हमारे उम्मीदवारों और डीएससी प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव किया। तथ्यों की हर बार जीत होती है।’’
अंसारिया ने कहा कि केंद्र सरकार की एक अधिसूचना में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य योग्यता बताया गया है। इसके अनुपालन के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी दिशानिर्देश जारी किए हैं।
जिला चयन समिति (डीएससी) शिक्षक भर्ती परीक्षा में खेल श्रेणी के तहत हुए चयन को लेकर भरानी ने कहा कि आठ से 14 अगस्त, 2025 के बीच खेल कोटे की एक अस्थायी सूची सार्वजनिक की गई थी। इसका उद्देश्य उम्मीदवारों और अन्य लोगों को आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर देना था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद प्राप्त शिकायतों की भी जांच की गई।
भरानी ने बताया कि खेल श्रेणी से संबंधित आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर 69 रिट याचिकाओं में यह सवाल नहीं उठाया गया था कि आंध्र प्रदेश राज्य जूडो संघ द्वारा जारी जूडो प्रमाणपत्र असली हैं या फर्जी।
उन्होंने कहा कि इन प्रमाणपत्रों की वैधता का मामला फिलहाल उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। अदालत ने सतर्कता विभाग को मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके बाद आगे का कोई भी फैसला जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिया जाएगा।
एक ही मंडल के 21 जूडो उम्मीदवारों से जुड़े आरोपों पर भरानी ने कहा कि प्रमाणपत्रों की सतर्कता विभाग द्वारा जांच की जा रही है। इन उम्मीदवारों में सात के एक ही परिवार से होने का आरोप भी शामिल है।
अधिकारियों ने दोहराया कि सरकार पारदर्शिता, साक्ष्य के आधार पर जांच और भर्ती नियमों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करेगी। साथ ही, पात्र उम्मीदवारों के हितों की रक्षा की जाएगी और जहां भी किसी अनियमितता की निर्णायक रूप से पुष्टि होगी, वहां उचित कार्रवाई की जाएगी।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा

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