पश्चिम एशिया संकट : पायलटों के संगठन ने उड़ानों, चालक दल के लिए जोखिम का आकलन करने की मांग की
पश्चिम एशिया संकट : पायलटों के संगठन ने उड़ानों, चालक दल के लिए जोखिम का आकलन करने की मांग की
मुंबई, 27 मार्च (भाषा) पायलटों के संगठन ‘एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (एल्पा) इंडिया’ ने शुक्रवार को नागर विमानन मंत्रालय और विमानन नियामक डीजीसीए से आग्रह किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के बीच उच्च जोखिम वाले संघर्ष क्षेत्रों के लिए उड़ान संचालन को तब तक निलंबित किया जाए, जब तक केंद्रीय स्तर पर जोखिम का आकलन नहीं हो जाता।
संगठन ने युद्ध जोखिम बीमा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले चालक दल के सभी सदस्यों के लिए वैध बीमा कवरेज तुरंत शुरू किया जाए और वैध बीमा कवरेज का सत्यापन किया जाए। उसने कहा कि इस बीमा कवरेज में युद्ध जोखिम से जुड़े प्रावधान शामिल हों।
अमेरिका, इजराइल और ईरान से जुड़े पश्चिम एशिया के संघर्ष ने हवाई सेवाओं को काफी प्रभावित किया है, जिसके चलते कई एयरलाइन ने अपनी उड़ानें सीमित कर दी हैं।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को लिखे पत्र में एल्पा इंडिया ने कहा कि वाणिज्यिक एयरलाइन के पास संघर्ष क्षेत्रों में खतरों का सही आकलन करने के लिए आवश्यक खुफिया, निगरानी और भू-राजनीतिक विश्लेषण की क्षमता नहीं होती, इसलिए डीजीसीए को तत्काल समीक्षा कर ऐसे क्षेत्रों में उड़ानों को रोकना चाहिए।
संगठन ने यह भी मांग की कि संघर्ष क्षेत्रों में उड़ान संचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्पष्ट और बाध्यकारी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
पत्र में एअर इंडिया के संचालन संबंधी निर्णयों की भी जांच की मांग की गई है, ताकि यह तय किया जा सके कि चालक दल और यात्रियों को जोखिम में डालने की जिम्मेदारी किसकी है, खासकर यदि पर्याप्त युद्ध जोखिम बीमा नहीं था।
इससे पहले 18 मार्च को भी एल्पा इंडिया ने चालक दल और यात्रियों के लिए युद्ध जोखिम बीमा सुनिश्चित करने की मांग उठायी थी।
भाषा गोला दिलीप
दिलीप

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