कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन की मनसे ने की पेशकश
कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन की मनसे ने की पेशकश
ठाणे, 21 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में कल्याण डोंबिवली नगर निगम में एक नये राजनीतिक समीकरण ने आकार लिया है, जिसमें राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दिया है। शिवसेना ने स्थानीय निकाय चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ महायुति गठबंधन के रूप में लड़ा था।
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि मनसे उनकी पार्टी को समर्थन दे रही है। हालांकि, इस बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए मनसे के स्थानीय नेताओं से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।
मनसे के इस फैसले को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के लिए एक झटका माना जा सकता है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने 15 जनवरी को बृहन्मुंबई महानगर पालिका(बीएमसी) चुनाव में एकसाथ मिलकर लड़ा था।
कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के 122 सदस्यीय सदन में शिवसेना 53 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि सहयोगी भाजपा 50 सीट के साथ दूसरे स्थान पर है। मनसे की पांच सीट मिलने के साथ, गठबंधन की कुल ताकत अब 108 हो गई है।
शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने क्रमशः ग्यारह, दो और एक सीट जीती है।
मंडल आयुक्त कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना के कल्याण सांसद श्रीकांत शिंदे ने बताया कि उनकी पार्टी के 53 पार्षदों ने नगर निकाय में एक समूह बनाने के संबंध में पत्र सौंपा है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “मनसे के पांच पार्षदों ने ने अपना अलग गुट बनाया है, शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की है। लेकिन यह समर्थन सिर्फ शिवसेना और मनसे के बीच है, किसी अन्य पार्टी के साथ नहीं।”
जब उनसे पूछा गया कि शिवसेना को किसी दूसरी पार्टी के समर्थन की जरूरत क्यों है, जबकि उसने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तो उन्होंने कहा कि मेयर महायुति गठबंधन से ही होगा।
उन्होंने कहा, “जो भी पार्टी शिवसेना का समर्थन करती है, उसका स्वागत है।” उन्होंने यह कहा कि मनसे ने स्थिरता और विकास के लिए पार्टी का समर्थन किया है।
शिंदे ने कहा, “मनसे का मानना हो सकता है कि विकास के लिए हम सभी को साथ रहना चाहिए। इसलिए उन्होंने महायुति का समर्थन किया है। (स्थानीय मनसे नेता और पूर्व विधायक) राजू पाटिल मेरे दोस्त हैं।”
उनके अनुसार, शिवसेना (उबाठा) के पार्षद भी महायुति का समर्थन कर सकते हैं, जो भी विकास के लिए समर्थन देगा, उसे साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए कोई भी समर्थन कर सकता है।
कल्याण लोकसभा सदस्य ने बताया कि अब तक मेयर, डिप्टी मेयर या किसी भी नगर समिति के अध्यक्ष पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, “इन फैसलों का अधिकार एकनाथ शिंदे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के पास है। दोनों आज इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मिल सकते हैं। सभी पदों से जुड़ी प्रक्रियाएं उसी बैठक में तय की जाएंगी।”
उन्होंने कहा कि केडीएमसी में शिवसेना, भाजपा और मनसे मिलकर महायुति के उम्मीदवार को महापौर बनाएंगे, जबकि पास की उल्हासनगर नगर निगम (यूएमसी) में शिवसेना, भाजपा, वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), सेक्युलर एलायंस ऑफ इंडिया (एसएआई) और निर्दलीय मिलकर मेयर का चुनाव करेंगे।
मुंबई में शिवसेना को मेयर पद मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो कोई भी खुश होगा।
भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 में से 25 नगर निगमों में सत्ता में आया है।
भाषा अमित माधव
माधव


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