मुंबई की अदालत ने गैंगस्टर के साथ ‘मुठभेड़’ मामले में पांच पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों को बरी किया
मुंबई की अदालत ने गैंगस्टर के साथ ‘मुठभेड़’ मामले में पांच पुलिसकर्मियों समेत सात लोगों को बरी किया
मुंबई, 27 मार्च (भाषा) एक अदालत ने 2016 में मुंबई के एक होटल में गैंगस्टर संदीप गडोली के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले में गिरफ्तार किए गए हरियाणा पुलिस के तत्कालीन उप निरीक्षक सहित पांच कर्मियों और दो अन्य को शुक्रवार को बरी कर दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत काले ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
गडोली की मौत सात फरवरी, 2016 को अंधेरी पूर्व के एक होटल में गुरुग्राम पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में हुई थी। कुख्यात गैंगस्टर पर एक लाख रुपये का इनाम था और 1999 से दर्ज 40 से अधिक प्राथमिकी के संबंध में उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने हत्या के मामले में पांच पुलिसकर्मियों, गडोली की ‘‘प्रेमिका’’, दिवंगत दिव्या पाहुजा, उसकी मां और प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सरगना वीरेंद्र गुज्जर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपी पुलिसकर्मियों में प्रद्युम्न यादव (तत्कालीन उप निरीक्षक), विक्रम सिंह, जितेंद्र यादव, दीपक काकरान और परमजीत अहलावत शामिल हैं।
गडोली मामले में जमानत पर बाहर रहने के दौरान 2024 में हरियाणा के एक होटल में पाहुजा की हत्या के बाद उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया था।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने अंधेरी पूर्व के एक होटल में अवैध हथियारों से उसे गोली मारी और खुद को बचाने के लिए झूठे सबूत दिए। अभियोजन पक्ष ने हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपियों द्वारा रची गई समन्वित साजिश को साबित करने के लिए 43 गवाहों की गवाही और व्यापक तकनीकी साक्ष्य (सीसीटीवी, कॉल रिकॉर्ड) प्रस्तुत किए।
हालांकि, न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
प्रद्युम्न यादव और विक्रम सिंह की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विलास नाइक और विग्नेश अय्यर ने दलील दी कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘‘पूरी तरह से झूठे और दुर्भावनापूर्ण’’ थे।
भाषा आशीष संतोष
संतोष

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