मुंबई पुलिस ने बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर 18 महीने के बच्चे को बचाया
मुंबई पुलिस ने बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर 18 महीने के बच्चे को बचाया
मुंबई, 18 अगस्त (भाषा) मुंबई पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 18 महीने के एक बच्चे को बचाया है और गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
धारावी थाने के एक अधिकारी के अनुसार माता-पिता ने बच्चे को कथित तौर पर 1.05 लाख रुपये में बेच दिया था, जिसके बाद उसे तमिलनाडु ले जाया गया, जहां एक निःसंतान दंपति ने उसे 4.80 लाख रुपये में खरीदा।
मामला तब सामने आया जब उपनगरीय गोरेगांव में चौकीदार के तौर पर काम करने वाले बच्चे के मामा ने कई दिन तक बच्चा नहीं दिखने पर पुलिस से संपर्क किया।
अधिकारी के अनुसार परिवार ने शुरू में दावा किया कि बारिश के दौरान बच्चा गिर गया था और उसकी मौत हो गई।
अधिकारी ने कहा कि हालांकि, बाद में बच्चे की मां ने स्वीकार किया कि उसने और उसके पति ने बच्चे को रानी उर्फ शबनम खान नामक महिला को 1.05 लाख रुपये में बेच दिया था।
शबनम खान के अलावा मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान दीपक मोरे, जायदा खान, प्रिया बोराडे और आकाश बोराडे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ आरोपी एक आईवीएफ केंद्र से जुड़े हैं।
अधिकारी के अनुसार इसके बाद बच्चे को कर्नाटक ले जाया गया, जहां गिरोह ने कथित तौर पर उसे रामास्वामी उर्फ अन्ना (52) नामक व्यक्ति को तीन लाख रुपये में बेच दिया। बाद में अन्ना ने बच्चे को कथित तौर पर तमिलनाडु में कन्नन विरिया उर्फ राजू (39) और उसकी पत्नी प्रिया विरिया (38) को 4.80 लाख रुपये में बेच दिया।
बताया जा रहा है कि राजू और प्रिया पिछले 16 वर्षों से निःसंतान हैं।
पुलिस ने बताया कि बच्चे को बस से कर्नाटक से तमिलनाडु ले जाया गया था। व्यापक जांच के बाद धारावी पुलिस की एक टीम कर्नाटक पहुंची और अन्ना को गिरफ्तार किया।
अन्ना की ओर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस तमिलनाडु पहुंची और बच्चे को बचा लिया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह बड़े स्तर पर बच्चों की तस्करी और बिक्री में शामिल था।
भाषा जोहेब वैभव
वैभव

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