Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: कैसे हुआ अजित पवार की प्लेन क्रैश? रनवे दिख रहा था, फिर अगले ही पल…, 26 मिनट की टाइमलाइन ने खोले चौंकाने वाले राज

Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: कैसे हुआ अजित पवार की प्लेन क्रैश? रनवे दिख रहा था, फिर अगले ही पल..., 26 मिनट की टाइमलाइन ने खोले चौंकाने वाले राज Last 26 minutes

Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: कैसे हुआ अजित पवार की प्लेन क्रैश? रनवे दिख रहा था, फिर अगले ही पल…, 26 मिनट की टाइमलाइन ने खोले चौंकाने वाले राज

Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua/Image Source: ANI

Modified Date: January 28, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: January 28, 2026 6:55 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 26 मिनट, 5 जिंदगियाँ और एक रहस्य
  • ATC लॉग ने खोली Ajit Pawar Plane Crash की परतें
  • Ajit Pawar हादसे की डरावनी टाइमलाइन

मुंबई: Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे विमान को बुधवार सुबह खराब दृश्यता के बाद हवा में एक चक्कर लगाने के बाद एटीसी से उतरने की अनुमति मिल गई थी। लेकिन अंततः अनुमति मिलने के बाद भी विमान ने विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) को कोई ‘रीड-बैक’ या प्रतिक्रिया नहीं दी और कुछ ही क्षण बाद रनवे किनारे पर वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई। नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले कहा था कि विमान खराब दृश्यता के बीच उतरने की कोशिश कर रहा था।

26 मिनट में कैसे हुआ भीषण विमान हादसा? (Ajit Pawar Plane Crash)

नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी किये गये एक बयान में ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के दुर्भाग्यपूर्ण ‘लेयरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के अंतिम 26 मिनट का ब्योरा दिया गया है। इस दुर्घटना में पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। बारामती में एक ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ है और यातायात संबंधी जानकारी बारामती के उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के प्रशिक्षकों/पायलटों द्वारा प्रदान की जाती है। बारामती विमान यातायात नियंत्रण कक्ष (एटीसी) के अनुसार, विमान से पहली बार सुबह आठ बजकर 18 मिनट पर संपर्क हुआ।

Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: इसके बाद, जब विमान बारामती से 30 नॉटिकल मील दूर था तब उसने संपर्क किया। पायलट को अपने विवेक से ‘दृश्य मौसम संबंधी स्थितियों’ में नीचे उतरने की सलाह दी गई। चालक दल ने हवाओं और दृश्यता के बारे में पूछा। तब उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और दृश्यता लगभग 3,000 मीटर है। नागर विमानन मंत्रालय के बयान में कहा गया है,‘‘इसके बाद विमान ने आखिरी तौर पर रनवे 11 के करीब आने की सूचना दी, लेकिन कहा कि रनवे उसे दिखाई नहीं दे रहा है। उसने पहले प्रयास में चक्कर लगाना शुरू कर दिया।’’

“अब रनवे दिख रहा है”- आखिरी शब्द, अगले ही पल विमान क्रैश (Maharashtra Deputy CM Deat)

Ajit Pawar ka Plane Crash Kaise Hua: चक्कर लगाने के बाद, चालक दल से फिर पूछा गया कि क्या वह रनवे को देख सकता है। जवाब था: ‘‘ फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है। जब रनवे नजर आयेगा, हम संपर्क करेंगे।’’ कुछ सेकंड बाद, चालक दल ने बताया कि उसे रनवे दिखाई दे रहा है। बयान में कहा गया है, ‘‘विमान को सुबह आठ बजकर 43 मिनट पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई। हालांकि, उसने (चालक दल ने) लैंडिंग की अनुमति के बारे में कोई सूचना नहीं दी (एटीसी को जवाब नहीं दिया)। इसके बाद, सुबह आठ बजकर 44 मिनट पर एटीसी ने रनवे 11 के किनारे के आसपास आग की लपटें देखीं।’’ आपातकालीन सेवाएं तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।