निदा खान को अग्रिम जमानत देने से नासिक की अदालत का इनकार, चार आरोपियों की हिरासत बढ़ी
निदा खान को अग्रिम जमानत देने से नासिक की अदालत का इनकार, चार आरोपियों की हिरासत बढ़ी
नासिक, दो मई (भाषा) नासिक की एक अदालत ने शनिवार को टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित मामले में आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष ने निदा खान से हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता पर जोर दिया।
लोक अभियोजक अजय मिसर ने पत्रकारों से कहा, “यह एक गंभीर अपराध है। निदा खान मुख्य आरोपियों में से एक है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने आज निदा खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अंतिम आदेश जल्द ही अपलोड किया जाएगा।”
प्राथमिकी के अनुसार, खान कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह देती थी।
निदा खान ने अपने गर्भवती होने का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी।
पुलिस ने कहा कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में उसकी तलाश जारी है।
नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) आईटी कंपनी की नासिक इकाई में पुरुष कर्मियों द्वारा कुछ महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किए जाने के नौ मामलों की जांच कर रहा है। एसआईटी ने नौ प्राथमिकी दर्ज कर एक महिला प्रबंधक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को ‘कतई बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति अपना रही है।
इस बीच, मामले में चार अन्य आरोपियों-रजा रफीक मेमन (35), तौसीफ बिलाल अत्तर (37), दानिश एजाज शेख (32) और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34) की पुलिस हिरासत शनिवार को दो मई तक बढ़ा दी गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले में और अधिक जांच के लिए आगे की हिरासत की आवश्यकता है।
भाषा वैभव नेत्रपाल
नेत्रपाल

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