नासिक कुंभ मेला डिजिटल रूप से उन्नत एवं पर्यावरण के अनुकूल होगा: फडणवीस

नासिक कुंभ मेला डिजिटल रूप से उन्नत एवं पर्यावरण के अनुकूल होगा: फडणवीस

नासिक कुंभ मेला डिजिटल रूप से उन्नत एवं पर्यावरण के अनुकूल होगा: फडणवीस
Modified Date: May 6, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: May 6, 2026 9:54 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नासिक, छह मई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि नासिक जिले में होने वाला आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला अभी तक का सबसे अधिक डिजिटल रूप से उन्नत और पर्यावरण अनुकूल होगा।

फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य गोदावरी नदी के तट पर, प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करते हुए, सबसे अधिक डिजिटल रूप से उन्नत कुंभ मेले का आयोजन करना है। उन्होंने पर्यावरणीय क्षति को लेकर जताई जा रही चिंताओं को भी खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नासिक में जगह की कमी के बावजूद, सिंहस्थ कुंभ मेले में भारी भीड़ को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहती है जबकि प्रयागराज में 4,000 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में 2025 में यह विशाल धार्मिक समागम आयोजित किया गया था।

उन्होंने कहा कि प्रशासन तालमेल के साथ काम कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगर श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत ज़्यादा भी हो, तो भी उन्हें एक सहज और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम कुंभ के बाद कार्बन फुटप्रिंट का आकलन करेंगे और मुझे विश्वास है कि यह सकारात्मक होगा, नकारात्मक नहीं।’’

फडणवीस ने कहा कि कुंभ मेला आर्थिक गतिविधियों का एक शक्तिशाली इंजन है, न कि केवल एक धार्मिक आयोजन।

उन्होंने कहा, ‘‘कुंभ एक ऐसा समागम है जहां न कोई जाति है, न कोई धर्म, और न ही अमीर-गरीब के बीच कोई भेदभाव—यह वास्तव में समानता का उत्सव है। यह धारणा कि कुंभ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है या इसमें बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होती है, पूरी तरह से गलत है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि कुछ कड़े फैसले लेने की जरूरत है, लेकिन हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पर्यावरण को होने वाला नुकसान कम से कम हो और स्थिरता हमारी प्राथमिकता बनी रहे। हर श्रद्धालु के लिए कुंभ एक आध्यात्मिक अनुभव है, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसका यह मूल स्वरूप बरकरार रहे।’’

सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर, 2026 को त्र्यंबकेश्वर (नासिक शहर के पास) के साथ-साथ रामकुंड और पंचवटी में ‘ध्वजारोहण’ (झंडा फहराने) के साथ शुरू होगा, और 24 जुलाई, 2028 तक चलेगा।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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