अजित पवार की मृत्यु के कारण राकांपा के गुटों के विलय की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है: शरद पवार

अजित पवार की मृत्यु के कारण राकांपा के गुटों के विलय की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है: शरद पवार

अजित पवार की मृत्यु के कारण राकांपा के गुटों के विलय की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है: शरद पवार
Modified Date: January 31, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: January 31, 2026 7:50 pm IST

पुणे, 31 जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि अजित पवार के निधन के कारण राकांपा (शप) और राकांपा के विलय की प्रक्रिया में अब अड़चन आ सकती है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी।

राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने बारामती में पत्रकारों से कहा कि अजित पवार और जयंत पाटिल के नेतृत्व में पिछले चार महीनों से दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया चल रही थी।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘सभी चर्चाएं उनके स्तर पर हुईं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि इस विमान दुर्घटना के बाद प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन दुर्घटना ने प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया।’’

उन्होंने कहा कि दोनों गुटों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।

जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या विलय की प्रक्रिया जारी रहेगी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है क्योंकि वह इन चर्चाओं का हिस्सा नहीं थे।

पवार ने कहा, ‘‘ यह अजित की इच्छा थी कि दोनों गुट एकजुट हों, और अब हमारी आकांक्षा है कि उनकी यह इच्छा पूरी हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अजित को वापस नहीं ला सकते। हमने उन्हें खो दिया है। अब हमें देखना होगा कि इस स्थिति का सामना कैसे करें।’’

शरद पवार ने कहा कि दोनों गुटों के साथ मिलकर काम करने पर सहमति बन गई है और यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘विलय पर निर्णय की घोषणा 12 फरवरी को होनी थी। अजित ने यह तारीख दी थी, लेकिन दुर्भाग्यवश, दुर्घटना हो गई।’’

शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राकांपा, जुलाई 2023 में अजित पवार के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ सरकार में शामिल होने के बाद विभाजित हो गई थी। उस समय उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था और नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका कार्यकाल इस पद पर जारी रहा।

शरद पवार ने पत्रकारों से कहा कि राकांपा (एसपी) को देवेंद्र फडणवीस सरकार में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शपथ ग्रहण समारोह की जानकारी नहीं है। मुझे यह भी नहीं पता था कि यह आज होने वाला है। शपथ ग्रहण समारोह के बारे में मुझसे कोई चर्चा नहीं हुई। उनकी पार्टी (राकांपा) ने शायद यह फैसला लिया हो। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नाम सामने आए और पता चला है कि उन्होंने ही पहल की है। हो सकता है कि उन्होंने पार्टी के भीतर ही यह फैसला लिया हो।’’

सुनेत्रा पवार (62) ने शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

लोक भवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले दिन में, उन्हें राकांपा विधायक दल की नेता के रूप में चुना गया था।

भाषा

देवेंद्र पवनेश

पवनेश


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