राजग नेता जगनमोहन के भूमि सुधारों के श्रेय की चोरी करते हैं: वाईएसआरसीपी
राजग नेता जगनमोहन के भूमि सुधारों के श्रेय की चोरी करते हैं: वाईएसआरसीपी
अमरावती, 25 जनवरी (भाषा) वाईएसआरसीपी के सांसद एम. गुरुमूर्ति ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं पर आंध्र प्रदेश में पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान लागू किए गए भूमि सुधारों का ‘‘श्रेय लेने’’ का आरोप लगाया और कहा कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।
गुरुमूर्ति ने केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर पर भूमि स्वामित्व अधिनियम और पुनर्सर्वेक्षण पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे बयान लोगों को गुमराह करने एवं भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से दिए गए।
तिरुपति से सांसद गुरुमूर्ति ने शनिवार देर रात जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘राजग गठबंधन को पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में शुरू किए गए ऐतिहासिक भूमि सुधारों को लेकर श्रेय चोरी की राजनीति से बचना चाहिए, क्योंकि जनता को गुमराह करने का कोई भी प्रयास केवल उपहास कराएगा।’’
उन्होंने कहा कि ‘जगनन्ना भू हक्कू-भू रक्षा’ कार्यक्रम को केंद्र से प्लेटिनम ग्रेड मिला था, जिसके बाद आंध्र प्रदेश को प्रोत्साहन के रूप में लगभग 400 करोड़ रुपये दिए गए थे।
सांसद ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की 20 दिसंबर, 2023 की वार्षिक रिपोर्ट समेत आधिकारिक रिकॉर्ड इस बात को स्वीकार करते हैं कि देश भर के लगभग 95 प्रतिशत जिलों में भूमि का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जिसमें आंध्र प्रदेश शीर्ष पर है।
गुरुमूर्ति ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए प्रोत्साहन राशि देने के आदेश जारी किए और 19 फरवरी, 2025 को लगभग 400 करोड़ रुपये जारी किए।
उन्होंने कहा कि ये ‘‘सरकारी रिकॉर्ड हैं, राय नहीं।’’
इस बीच, पूर्व मंत्री आर के रोजा ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर वाईएसआरसीपी शासन के दौरान लागू की गई भूमि पुनर्सर्वेक्षण पहलों में भी ‘‘श्रेय चोरी करने’’ का आरोप लगाया।
रोजा ने दावा किया कि पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों, शहरी स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, गरीबों के लिए आवास और कल्याणकारी योजनाओं समेत बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने नायडू पर अधूरे वादों से लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
भाषा राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल


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