विचारधारा छोड़कर नयी राह चुनने वालों को जनता ने कभी नहीं स्वीकार किया: शरद पवार

विचारधारा छोड़कर नयी राह चुनने वालों को जनता ने कभी नहीं स्वीकार किया: शरद पवार

विचारधारा छोड़कर नयी राह चुनने वालों को जनता ने कभी नहीं स्वीकार किया: शरद पवार
Modified Date: February 16, 2024 / 11:28 pm IST
Published Date: February 16, 2024 11:28 pm IST

पुणे, 16 फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की बगावत का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए शुक्रवार को कहा कि लोगों ने कभी उन सबको स्वीकार नहीं किया जिन्होंने अलग राह पर जाने का फैसला किया।

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि जुलाई 2023 में जब दो गुट उभरे तो अजित पवार के नेतृत्व वाला समूह ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) थी। अजित पवार और आठ विधायक पिछले साल दो जुलाई को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए, जिसके परिणामस्वरूप शरद पवार द्वारा स्थापित राकांपा में फूट पड़ गई।

पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि सत्ता आती है, जाती है लेकिन विचारधारा, नीतियां और देश को आगे ले जाने की सोच स्थायी होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारे कुछ साथी इस रास्ते से भटक गए। किसी ने पार्टी छीन ली, किसी ने चुनाव चिह्न छीन लिया। मैं इन सब बातों की कभी चिंता नहीं करता। कुछ लोगों ने विचारधारा को छोड़कर अलग रास्ते पर चलना चुना लेकिन लोगों ने कभी इस कदम को नहीं सराहा।’’

पवार ने कहा कि इन लोगों से यह सुनना ‘मनोरंजक’’ है कि वे चले गए क्योंकि वे विकास के लिए काम करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि हर कोई हर समय सत्ता में नहीं रह सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि जो सत्ता में नहीं है वह देश की सेवा नहीं कर सकता।

पवार ने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी कई वर्षों तक विपक्ष में थे। क्या उन्होंने देश की सेवा नहीं की । क्या उन्होंने कभी अपनी विचारधारा को पीछे छोड़कर देश की सेवा करने के लिए अपनी पार्टी छोड़ने के बारे में सोचा था। हमारे बीच मतभेद थे, लेकिन एक बात सभी को स्वीकार करनी होगी कि वह (वाजपेयी) हमेशा अपनी विचारधारा पर कायम रहे।’’

पवार ने कहा कि देश किसानों की समस्या से जूझ रहा है लेकिन सत्ता में बैठे लोग सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के 15 दिन के सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केवल एक घंटे के लिए संसद आये।

पवार ने कहा, ‘‘चाहे जवाहरलाल नेहरू हों, इंदिरा गांधी हों या यशवंतराव चव्हाण हों, वे एक दिन के लिए भी संसद सत्र नहीं छोड़ते थे।’’

भाषा आशीष रंजन

रंजन


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