निकाय चुनाव में जनता ने महायुति को मत दिया क्योंकि वह विकास और ईमानदारी चाहती है: फडणवीस

निकाय चुनाव में जनता ने महायुति को मत दिया क्योंकि वह विकास और ईमानदारी चाहती है: फडणवीस

निकाय चुनाव में जनता ने महायुति को मत दिया क्योंकि वह विकास और ईमानदारी चाहती है: फडणवीस
Modified Date: January 16, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: January 16, 2026 6:53 pm IST

मुंबई, 16 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों में लोगों ने भाजपा नीत ‘महायुति’ को वोट दिया क्योंकि वे ईमानदारी और विकास चाहते हैं।

फडणवीस ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव में जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘महायुति’ बीएमसी सहित 29 महानगरपालिकाओं में से 25 में सत्ता हासिल करने की ओर अग्रसर है।

महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिकाओं के लिए बृहस्पतिवार को मतदान कराया गया और परिणाम शुक्रवार को घोषित किये जा रहे हैं।

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अब तक आऐ रुझानों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे, पिंपरी चिंचवड, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर सहित कई शहरों में शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में बीएमसी पर उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के वर्चस्व को समाप्त करने की ओर अग्रसर है।

फडणवीस ने कहा, ‘‘भाजपा ने विकास का एजेंडा पेश किया। हमने इसे जनता के सामने रखा और उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। हमें कई महानगरपालिकाओं में रिकॉर्ड तोड़ जनादेश मिला है और यह इस बात को रेखांकित करता है कि लोग ईमानदारी और विकास चाहते हैं। इसीलिए लोगों ने भाजपा को वोट दिया।’’

उन्होंने कहा कि ‘महायुति’ ने महानगरपालिका चुनावों में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

फडणवीस ने कहा, ‘‘यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा अपनाई गई नीतियों में महाराष्ट्र की जनता के भरोसे को दर्शाता है।’’

मुख्यमंत्री ने इस जीत के जश्न के बीच शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘बालासाहेब ठाकरे के आशीर्वाद से महायुति को जीत हासिल करने में मदद मिली। ’’

फडणवीस ने कहा, ‘‘हमारा एजेंडा हमेशा विकास रहेगा और हम अपनी जीत का इस्तेमाल लोगों के जीवन को बदलने के लिए करेंगे। हिंदुत्व हमेशा से हमारी आत्मा रहा है और हमारे हिंदुत्व को विकास से अलग नहीं किया जा सकता। हमारा हिंदुत्व समावेशी है।’’

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश

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