Chabahar Port News: चाबहार बंदरगाह पर अमेरिका की नजर! क्या भारत को मिला सैंक्शन से राहत का रास्ता? विदेश मंत्रालय ने किया बड़ा खुलासा

Chabahar Port News: चाबहार बंदरगाह पर अमेरिका की नजर! क्या भारत को मिला सैंक्शन से राहत का रास्ता? विदेश मंत्रालय ने किया बड़ा खुलासा

Chabahar Port News: चाबहार बंदरगाह पर अमेरिका की नजर! क्या भारत को मिला सैंक्शन से राहत का रास्ता? विदेश मंत्रालय ने किया बड़ा खुलासा

Chabahar Port News/Image Source: ANI

Modified Date: January 16, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: January 16, 2026 6:57 pm IST
HIGHLIGHTS
  • चाबहार से भारत की भूमिका समाप्त,
  • अमेरिकी प्रतिबंधों ने कमजोर की साझेदारी
  • अमेरिकी सैंक्शन को लेकर बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: Chabahar Port News: ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित करने में भारत की करीब एक दशक पुरानी और उतार-चढ़ाव भरी भागीदारी अब लगभग समाप्त होती नजर आ रही है। अमेरिकी प्रतिबंधों और बढ़ते दबाव के बीच भारत ने चाबहार परियोजना से जुड़ी अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां पूरी कर दी हैं और अब बंदरगाह पर उसकी सक्रिय भूमिका सीमित होती जा रही है।

चाबहार बंदरगाह से भारत की भूमिका लगभग समाप्त (Chabahar port India)

Chabahar Port News: सूत्रों के अनुसार भारत ने चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए ईरान को वादा किए गए लगभग 120 मिलियन डॉलर पूरी तरह ट्रांसफर कर दिए हैं। यह भुगतान अमेरिका द्वारा सितंबर 2025 से चाबहार पर दोबारा प्रतिबंध लगाने से पहले ही पूरा कर लिया गया था। सूत्रों का कहना है कि सरकार को पहले से अंदेशा था कि अमेरिकी प्रतिबंध फिर से लागू हो सकते हैं, इसलिए समय रहते पूरी राशि ईरान को दे दी गई। मार्च 2014 में भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन को लेकर 10 साल का लॉन्ग-टर्म समझौता हुआ था। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अब भारत की ओर से इस परियोजना को लेकर कोई अतिरिक्त वित्तीय या संचालन संबंधी जिम्मेदारी शेष नहीं है। समझौते के अनुसार, ट्रांसफर की गई राशि के उपयोग का अधिकार पूरी तरह ईरान सरकार के पास है।

अमेरिकी प्रतिबंधों ने कमजोर की रणनीतिक साझेदारी (India Iran relations)

Chabahar Port News: इस बीच, अमेरिका की सख्त नीति ने भारत की रणनीतिक योजना को झटका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 जनवरी को चेतावनी दी थी कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद अमेरिका ने 29 सितंबर 2025 से चाबहार बंदरगाह पर फिर से प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। हालांकि, भारत की ओर से यह जानकारी देने के बाद कि वह चाबहार बंदरगाह पर अपनी गतिविधियों को बंद करने की योजना बना रहा है, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अंतर्गत ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने भारत को प्रतिबंधों से अस्थायी राहत दी है। यह सशर्त छूट 29 अक्टूबर 2025 से लागू हुई है और 26 अप्रैल 2026 तक वैध रहेगी।

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चाबहार पर अमेरिकी सैंक्शन को लेकर बड़ा खुलासा (India Iran trade news)

Chabahar Port News: चाबहार बंदरगाह को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस व्यवस्था को लेकर अमेरिकी पक्ष के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से जारी सैंक्शन वेवर गाइडेंस के तहत भारत अपनी रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं ईरान में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें अधिकांश छात्र हैं। भारत सरकार ने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को उपलब्ध साधनों के जरिए देश छोड़ने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, चाबहार बंदरगाह जो भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच का एक अहम रास्ता माना जाता था अब अमेरिकी प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक दबाव के चलते भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं से लगभग बाहर होता दिखाई दे रहा है।

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।