नासिक कुंभ मेला की तैयारियों के लिए ‘समग्र’ दृष्टिकोण अपनाया गया : अधिकारी
नासिक कुंभ मेला की तैयारियों के लिए ‘समग्र’ दृष्टिकोण अपनाया गया : अधिकारी
नासिक, छह जून (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारियों के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है, जिसमें विरासत संरक्षण और प्रौद्योगिकी आधारित प्रबंधन प्रणालियों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अगले साल कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर तैयारियां तेजी से की जा रही है।
कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि कुंभ मेले की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रौद्योगिकी आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणालियों की व्यवस्था कर रहे हैं, बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शुरू कर रहे हैं और दीर्घकालिक शहरी विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इस वर्ष 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण के साथ कुंभ महोत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। तीन मुख्य शाही स्नान 2027 में दो अगस्त, 31 अगस्त और 11 सितंबर को होंगे।
महाराष्ट्र सरकार को उम्मीद है कि कुंभ मेले के दौरान नासिक और त्र्यंबकेश्वर में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु आएंगे। कुंभ मेले को विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है।
सिंह ने कहा कि इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां एक समग्र दृष्टिकोण के साथ की जा रही हैं, जिसमें बुनियादी ढांचे का विकास, विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक पुनरुद्धार और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रबंधन प्रणालियों को शामिल करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार, तैयारियां वास्तव में समग्र हैं। यह केवल ठोस बुनियादी ढांचे के निर्माण के बारे में नहीं है। हम स्थायी बुनियादी ढांचे, विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, आवागमन और प्रौद्योगिकी एकीकरण पर एक साथ काम कर रहे हैं।’’
सिंह ने बताया कि लगभग 16,000-17,000 करोड़ रुपये की लागत से काम शुरू हो चुका है, जो मुख्य रूप से सड़कों और उन अस्थायी बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है, जिनमें टेंट सिटी, शौचालय, पार्किंग सुविधाएं, बैरिकेडिंग और साधु ग्राम की व्यवस्था करना शामिल है।
उन्होंने कहा, “मानसून के बाद काम का दायरा काफी बढ़ जाएगा। सभी विभाग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’
आयुक्त ने कहा कि ये तैयारियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जिसके तहत नासिक को निवेश, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक प्रमुख गंतव्य में परिवर्तित किया जाना है।
उन्होंने कहा कि स्टेशनों के विकास के माध्यम से रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जबकि हवाई अड्डे को अतिरिक्त एप्रन सुविधाओं, एयरोब्रिज और टैक्सीवे के साथ उन्नत किया जा रहा है।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप

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