धनगर समुदाय के आंदोलन के मद्देनजर जालना में निषेधाज्ञा लागू

धनगर समुदाय के आंदोलन के मद्देनजर जालना में निषेधाज्ञा लागू

धनगर समुदाय के आंदोलन के मद्देनजर जालना में निषेधाज्ञा लागू
Modified Date: January 17, 2026 / 12:58 pm IST
Published Date: January 17, 2026 12:58 pm IST

जालना, 17 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के जालना जिले में प्रशासन ने धनगर समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग को लेकर किए जा रहे आंदोलन के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जिला अधिकारी आशिमा मित्तल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत एक आदेश जारी किया, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा, उपद्रव या खतरे के लिए निषेधाज्ञा का प्रावधान है।

यह कदम अप्रिय स्थिति की आशंकाओं के बीच उठाया गया है क्योंकि जालना और अंबड को आरक्षण संबंधी आंदोलनों का केंद्र माना जाता है।

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आदेश के अनुसार, जालना और अंबड तहसीलों में रविवार को सुबह पांच बजे से मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। निषेधाज्ञा के तहत पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही हथियार ले जाने पर भी रोक है। सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।

जिला प्रशासन के अनुसार, धनगर समुदाय के नेता दीपक बोराडे ने मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, जिसके लिए पुलिस ने उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

आदेश में कहा गया है कि बोराडे और उनके समर्थकों के अंबड, जामखेड़, पचोद, दवालवाड़ी, पैठन नाका, शेवगांव, अहिल्यानगर, पथार्डी, पंढरपुर, सांगोला और पुणे से मुंबई के लिए रवाना होने की संभावना है, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

परंपरागत रूप से पशुपालक धनगर समुदाय महाराष्ट्र की आबादी का लगभग नौ प्रतिशत हैं। वर्तमान में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अंतर्गत खानाबदोश जनजातियों की श्रेणी में 3.5 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है।

हालांकि, यह समुदाय अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त करना चाहता है और इसके लिए वे संविधान में ‘धनगड़ों’ को अनुसूचित जनजाति समूह के रूप में मान्यता दिए जाने का हवाला देते हैं और दावा करते हैं कि धनगर और धनगड़ एक ही हैं।

भाषा गोला सिम्मी

सिम्मी


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