Gwalior Rabies Case : 4 महीने में 8 मौतें! मामूली खरोंच बन रही ‘मौत का फरमान’, ग्वालियर-चंबल में रैबीज से दहशत, जानिए डॉक्टरों की चेतावनी

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रैबीज का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सिर्फ 4 महीनों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले साल पूरे वर्ष में 6 मौतें दर्ज हुई थीं। ताजा मामला 13 वर्षीय बच्चे का है, जिसकी मौत बिल्ली के पंजे से हुई चोट के बाद हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ते के काटने के साथ-साथ बिल्ली के खरोंच और लार को भी नजरअंदाज करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

Gwalior Rabies Case : 4 महीने में 8 मौतें! मामूली खरोंच बन रही ‘मौत का फरमान’, ग्वालियर-चंबल में रैबीज से दहशत, जानिए डॉक्टरों की चेतावनी

Gwalior Rabies Case / Image Source : AI GENERATED


Reported By: Nasir Gouri,
Modified Date: June 4, 2026 / 12:36 pm IST
Published Date: June 4, 2026 12:27 pm IST

ग्वालियर : Gwalior Rabies Case :  मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल में रैबीज का कहर नहीं थम रहा है। सिर्फ 4 महीने में 8 वीं मौत हो गई है। 13 साल के बच्चे की जान बिल्ली के पंजा मारने से चली गई। पिछले साल पूरे साल में 6 मौतें हुई थीं, इस साल रफ्तार दोगुनी। कुत्ता ही नहीं, बिल्ली के खरोंच-पंजे को नजरअंदाज करना भी भारी पड़ रहा है। GR मेडिकल कॉलेज अलर्ट मोड पर है, डॉक्टर कह रहे हैं। पालतू हो या आवारा, सावधानी जरूरी है।

बिल्ली से भी हो सख्त है राबिस

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रैबीज एक बेहद गंभीर चिंता बन गया है। साल में सिर्फ 4 महीने में रैबीज से 8 मौतें हो चुकी हैं। पिछले साल पूरे 2024 में 6 मौतें हुई थीं। आंकड़ा डराने वाला है।Rabies Death Gwalior Chambal  ताजा मामला 13 साल के बच्चे का है। उसे बिल्ली ने पंजा मारा था। इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर दिया गया। नतीजा रैबीज ने जान ले ली। सिर्फ कुत्ते के काटने से ही नहीं, बिल्ली के खरोंच और लार से भी रैबीज हो सकता है। लोग इसे हल्के में ले रहे हैं और कीमत जान से चुका रहे हैं।

इलाज में देरी ले सकती है जानलेवा

ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल के मुताबिक बच्चे को केस हिस्ट्री के बाद बाल रोग विभाग रेफर किया गया था। लेकिन अवारा हो या पालतू, अगर जानवर काटे या पंजा मारे तो तुरंत एआरवी यानी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं। किसी अंग पर जानवर चाट ले या लार गिर जाए तो तुरंत साबुन से 15 मिनट तक घाव धोकर साफ करें। कुत्ता या बिल्ली काटे-खरोंचे, इलाज में देरी जानलेवा हो सकती है।

GR Medical College Gwalior लोगो में रैबीज को लेकर अवेयरनेस कम

वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग के सबसे बड़े वेटनरी सर्जन डॉ. विनोद व्यास कहते हैं। रैबीज को लेकर लोगों में अवेयरनेस कम है। बिल्ली के पंजे से रैबीज होना चौंकाने वाला है, पर लाखों में एक बिल्ली ऐसी होती है जिसके पंजे से रैबीज फैल सकता है। ग्वालियर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गली-मोहल्ले और सड़कों पर स्ट्रीट डॉग और उनके पिल्ले हर जगह नजर आ रहे हैं। निगम नसबंदी का दावा कर रहा है, पर संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। नतीजा कुत्ते दिन-रात बच्चों, बुजुर्गों और वाहनों पर हमला कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हो रहा है काम

ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय का कहना है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक काम किया जा रहा है। नसबंदी लगातार हो रही है, इससे कुत्तों की संख्या में कमी आएगी। पर ग्राउंड रियलिटी कुछ और है। निगम अभी तक शेल्टर हाउस नहीं बना सका, न भोजन स्थल मैदान में नजर आए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कागजों में तो दौड़ रही है, पर धरातल पर धीमी है। नतीजा स्ट्रीट डॉग्स का सार्वजनिक जगहों पर कोहराम जारी है।

Gwalior Municipal Corporation Stray Dogs चार महीने 8 मौत

बहरहाल 4 महीने, 8 मौतें. ये सिर्फ आंकड़े नहीं, चेतावनी हैं। ग्वालियर-चंबल में रैबीज का कहर ये बता रहा है कि हम अब भी जानवर के काटने-खरोंचने को मामूली समझ रहे हैं। बिल्ली के पंजे ने 13 साल के बच्चे की जान ले ली। पालतू है तो खतरा नहीं ये भ्रम तोड़ना होगा।

देरी का मतलब सीधा मौत

डॉक्टर एक ही बात कह रहे हैं काटे या खरोंचे, तुरंत साबुन से धोओ और 24 घंटे के अंदर एआरवी लगवाओ। देरी का मतलब सीधा मौत। दूसरी तरफ कुत्तों की संख्या बढ़ रही है, निगम के शेल्टर हाउस और फीडिंग पॉइंट कागजों में ही हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है, पर धरातल पर इंतजाम कमजोर हैं। ऐसे में सवाल सीधा है क्या 9वीं मौत का इंतजार करेंगे, या अब जागेंगे?

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..