पुणे पोर्श मामला : नाबालिग आरोपी के पिता की जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस ने अदालत का रुख किया
पुणे पोर्श मामला : नाबालिग आरोपी के पिता की जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस ने अदालत का रुख किया
पुणे, 22 जून (भाषा) पुणे पुलिस ने पोर्श कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को मिली जमानत रद्द कराने के लिए अदालत का रुख किया और आरोप लगाया है कि अग्रवाल ने उच्चतम न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया है।
पुलिस की ओर से यह कदम उस वीडियो के सामने आने के कुछ हफ्तों बाद उठाया गया है, जिसमें कथित तौर पर अग्रवाल को अपने परिवार के साथ जमानत का जश्न मनाते दिखाया गया और इससे सोशल मीडिया पर लोगों में काफी गुस्सा देखा गया।
इस वीडियो में अग्रवाल को अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक स्थानीय रेस्तरां में नाचते देखा गया, जबकि पीछे संगीत बज रहा है।
विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे के माध्यम से शिवाजीनगर सत्र न्यायालय में दाखिल इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।
उच्चतम न्यायालय ने इस साल मार्च में अग्रवाल को जमानत दी थी। अग्रवाल पर आरोप है कि मई 2024 में हुए पोर्श कार हादसे के बाद अपने बेटे को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए खून के नमूने बदलने की साजिश रची गई थी।
इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने इस वीडियो का संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद राज्य के विधि विभाग से अदालत जाने की अनुमति प्राप्त की गई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह कथित जश्न गवाहों को प्रभावित कर सकता है और यह उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत देते समय तय की गई शर्तों का उल्लंघन है।
हिरे ने कहा, ‘‘जमानत मिलने के बाद का यह कथित जश्न हल्के में लेने वाली बात नहीं है। इससे गवाहों पर दबाव बनने की आशंका है। हम अदालत के सामने यह भी बताएंगे कि उच्चतम न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन हुआ है।’’
अदालत ने अग्रवाल को इस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, अग्रवाल परिवार ने इस वायरल वीडियो को खारिज करते हुए कहा है कि यह वीडियो 2023 का है।
अग्रवाल की कानूनी टीम द्वारा साझा किए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि यह वीडियो गोवा में उनकी 25वीं शादी की सालगिरह के जश्न के दौरान बनाया गया था।
उनका कहना है कि इस फुटेज में वे अपनी पत्नी शिवानी और करीबी दोस्तों के साथ गोवा के एक होटल में नजर आ रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि गोवा के होटल का यह आयोजन पुणे के येरवडा पुलिस थाने में 19 मई 2024 को पोर्श कार हादसे का मामला दर्ज होने से बहुत पहले हुआ था।
पुलिस ने इस वीडियो के संबंध में विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी शिवानी अग्रवाल के बयान दर्ज किए हैं और उन्हें तथा डिजिटल सबूतों को अदालत के सामने पेश किया जा सकता है।
यह मामला 19 मई 2024 का है जब अग्रवाल के बेटे द्वारा चलाई जा रही पोर्श कार पुणे के कल्याणी नगर इलाके में एक मोटरसाइकिल से टकरा गई थी, जिसमें दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। उस समय अग्रवाल के बेटे की उम्र 17 साल थी।
पोर्श में सवार नाबालिग चालक और उसके दो नाबालिग दोस्तों के खून के नमूने बदलने के कथित मामले में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में विशाल अग्रवाल भी शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह छिपाने के लिए कि नाबालिग शराब के नशे में था, ससून सामान्य अस्पताल में कथित तौर पर दो चिकित्सकों की मदद से नाबालिग चालक के खून के नमूने उसकी मां के नमूनों से बदल दिए गए थे।
भाषा
खारी मनीषा
मनीषा

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