दल-बदल की ‘गंदी’ राजनीति कर रही भाजपा को एक दिन इसके परिणाम भुगतने होंगे : राज ठाकरे

दल-बदल की ‘गंदी’ राजनीति कर रही भाजपा को एक दिन इसके परिणाम भुगतने होंगे : राज ठाकरे

दल-बदल की ‘गंदी’ राजनीति कर रही भाजपा को एक दिन इसके परिणाम भुगतने होंगे : राज ठाकरे
Modified Date: July 1, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: July 1, 2026 8:20 pm IST

पुणे/ठाणे, एक जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि ‘‘दल-बदल कराने’’ की उसकी राजनीति ‘गंदी’ है और चेतावनी दी कि अंततः पार्टी को अपने द्वारा कायम की जा रही मिसालों के परिणाम भुगतने होंगे।

ठाकरे ने पुणे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश की राजनीति अब ‘‘पैसा और सत्ता’’ के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जहां चुनाव केंद्र में हैं और शासन से अधिक दल-बदल को प्राथमिकता दी जा रही है।

एक समय भाजपा के सहयोगी रह चुके मनसे नेता ठाकरे ने कहा कि राजनीति में अब विकास पर चर्चा बहुत कम रह गई है और यह मुख्य रूप से धन के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वर्षों से कहता आ रहा हूं कि शहरों का विकास कैसे होना चाहिए। विकास योजनाएं बनती हैं, लेकिन नगर नियोजन नहीं होता। शहर केवल फ्लैट, सड़क और पुलों से नहीं बनते। बिल्डरों को लगातार भूखंड मिलते रहते हैं, उससे पैसा आता है और राजनीति पैसे के इर्द-गिर्द घूमती है।’’

विधायकों और सांसदों के कथित खरीद फरोख्त को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि मुद्दा उन लोगों का नहीं है जो जनप्रतिनिधियों को ‘‘खरीदते’’ हैं, बल्कि उनका है जो ‘‘बिकने’’ को तैयार हैं।

ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा की मौजूदा राजनीतिक रणनीति अंततः उसी पर भारी पड़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘किसी का भी सत्ता पर स्थायी अधिकार नहीं होता। सवाल यह है कि आप भविष्य के लिए कैसी मिसाल कायम कर रहे हैं। अगर राजनीतिक दल इसे नहीं समझते, तो मुझे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता है।’’

उन्होंने महाराष्ट्र में दल-बदल की राजनीति को ‘‘गंदी’’ बताते हुए भाजपा को चेतावनी दी कि सत्ता खोने के बाद वही तरीके उसके खिलाफ भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए, जो भाजपा की सहयोगी है। शिवसेना (उबाठा) का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करते हैं जो राज ठाकरे के चचेरे भाई हैं।

ठाकरे ने कहा, ‘‘अब कोई सीमा नहीं बची है। जब आप सत्ता में नहीं रहेंगे तो क्या करेंगे? वही तरीके आपके खिलाफ इस्तेमाल होंगे।’’

मनसे प्रमुख ने कहा कि भाजपा की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर टिकी है। उन्होंने कहा, ‘‘आज जो कुछ है, वह नरेन्द्र मोदी के कारण है। जिस दिन यह समर्थन हटेगा, सब कुछ ढह जाएगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वर्तमान भाजपा की राजनीति को संचालित कर रहे हैं।

ठाकरे ने सवाल किया कि शिवसेना (उबाठा) और तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों से अलग हुए सांसद सीधे भाजपा में क्यों शामिल नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में शाह प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी करते हैं और भाजपा में आंतरिक विरोध उत्पन्न होता है, तो ये बागी सांसद उनका समर्थन करेंगे।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब अगले आम चुनाव अभी लगभग तीन साल दूर हैं तो इस कवायद की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव अभी तीन साल दूर हैं। नए मतदाता जोड़े जाएंगे और लोग स्थानांतरित होते रहते हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे राज्यों पर प्रतिकूल असर पड़ा है और कहा कि यह देश की राजनीति की ‘‘गंदी और भयावह’’ स्थिति को दर्शाता है।

ठाणे में एक अलग प्रेस वार्ता में ठाकरे ने भाजपा और शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को भ्रष्ट और चिंताजनक बताया।

उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी दलों को कमजोर करने की भाजपा की रणनीति अंततः उलटी पड़ेगी। उन्होंने 1975-77 के आपातकाल से तुलना करते हुए कहा कि उस दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार के विरोधियों को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि जनता में राजनीतिक जोड़तोड़ के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है और विपक्ष को खत्म करने की कोशिश अंततः भाजपा के भीतर ही नए विरोधियों को जन्म देगी।

भाषा अमित अविनाश

अविनाश


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