राम मंदिर चंदा प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो : सपकाल
राम मंदिर चंदा प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो : सपकाल
मुंबई, 26 जून (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर को मिले चढ़ावे के कथित गबन की न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर इसके लिये जिम्मेदार लोगों को बचाने का आरोप लगाय।
उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया।
सपकाल ने आरोप लगाया कि केवल चढ़ावे की राशि की गिनती में शामिल कर्मचारियों और चंपत राय से जुड़े एक चालक को गिरफ्तार किया गया, जबकि ‘मुख्य आरोपियों’ को छोड़ दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने तो भगवान राम को भी लूट लिया। जो लोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान राम और हिंदुत्व का नाम लेते हैं, वे इस कथित लूट पर चुप्पी साधे हुए हैं।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी को भगवान राम का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने आगे दावा किया कि देशभर के श्रद्धालुओं ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए सोने-चांदी की ईंटें, हीरे के आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं दान में दी थीं, लेकिन ट्रस्ट ने इन दानराशियों व वस्तुओं का सार्वजनिक लेखा-जोखा पेश नहीं किया।
सपकाल ने केंद्र सरकार से उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और आरोप लगाया कि प्राथमिकी में लगाई गयी धाराएं आरोपों की गंभीरता की तुलना में अपेक्षाकृत हल्की हैं।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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