कृषि ऋण माफी की कठोर शर्तों को हटाने को लेकर रोहित पवार का अनशन तीसरे दिन भी जारी
कृषि ऋण माफी की कठोर शर्तों को हटाने को लेकर रोहित पवार का अनशन तीसरे दिन भी जारी
पुणे, 14 जून (भाषा) महाराष्ट्र सरकार की कृषि ऋण माफी योजना की ‘सख्त’ शर्तों को हटाने की मांग को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) नेता रोहित पवार का अनिश्चितकालीन अनशन रविवार को सोलापुर के पंढरपुर शहर में तीसरे दिन भी जारी रहा।
पवार ने कहा कि किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए अगर सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है, तो वह अपना विरोध जारी रखने पर ‘अटल’ हैं।
राकांपा (शप) विधायक ने किसानों के लिए पूरी तरह से ऋण माफी की अपनी मांग को मनवाने के लिए शुक्रवार को पंढरपुर में यह आंदोलन शुरू किया था।
यह शहर विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।
रोहित पवार बारामती के राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पवार परिवार से ताल्लुक रखते हैं और शरद पवार के पोते हैं।
रोहित ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सेहत पर नजर रखने वाले चिकित्सकों ने उन्हें बताया कि उनके रक्त शर्करा स्तर में गिरावट आई है, लेकिन रक्तचाप सामान्य है।
उन्होंने कहा, “हालांकि, राज्य के किसान मुझसे ज्यादा तकलीफ झेल रहे हैं। मैं अनशन जारी रखने के अपने फैसले पर अडिग हूं। मैं राज्य सरकार से अपील करता हूं कि वह कृषि ऋण माफी योजना की दो कड़ी शर्तों को हटाने की मांग पर विचार करे।”
महाराष्ट्र सरकार ने दो जून को 36,585 करोड़ रुपये की किसान कर्जमाफी योजना को मंजूरी दी, जिससे लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना’ के तहत किसानों को दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ किया जाएगा। इस योजना के तीन प्रमुख हिस्से हैं, कर्जमाफी, एकमुश्त निपटान (ओटीएस) और प्रोत्साहन लाभ।
योजना का लाभ लेने के लिए भूमि स्वामित्व की कोई शर्त नहीं रखी गई है। कर्जमाफी के तहत जिन किसानों पर मूलधन और ब्याज सहित कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण दो लाख रुपये तक है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिया गया होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना चाहिए और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया होना चाहिए।
जिन किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक का बकाया कर्ज है, उन्हें योजना के एकमुश्त निपटान के तहत शामिल किया जाएगा।
ऐसे किसानों को पहले दो लाख रुपये से अधिक की बकाया राशि स्वयं जमा करनी होगी। इसके बाद वे दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी के पात्र हो जाएंगे।
इन किसानों को अपने हिस्से की बकाया राशि जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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