लागत बढ़ने की वजह से 40 हजार करोड़ परियोजनाएं रद्द की गईं : फडणवीस
लागत बढ़ने की वजह से 40 हजार करोड़ परियोजनाएं रद्द की गईं : फडणवीस
मुंबई, 14 जनवरी (भाषा)महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक लागत में भारी वृद्धि की वजह से बुनियादी ढांचे की करीब 40,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं रद्द कर दी गई हैं।
कांग्रेस ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि फडणवीस शहरी विकास विभाग को संभाल रहे अपने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बना रहे हैं।
विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) की घटक कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कोई मामूली आंतरिक मतभेद नहीं बल्कि ‘महायुति’ सरकार में एक बड़ी दरार प्रतीत होती है।
फडणवीस ने एक मराठी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि पहले स्वीकृत कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लागत में भारी वृद्धि और परिस्थितियों में बदलाव के कारण आर्थिक रूप से अव्यवहार्य हो गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लागत में वृद्धि के कारण लगभग 40,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को रद्द करना पड़ा। ये निर्णय पूरी तरह से विचार-विमर्श के बाद लिए गए थे और पूरी तरह से उचित थे।’’
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने पिछले कार्यकाल के दौरान शहरी विकास विभाग के तहत स्वीकृत कई प्रस्तावों की समीक्षा की और पाया कि संशोधित मानदंडों और वित्तीय प्रभावों को देखते हुए कई योजनाओं पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
उन्होंने एकीकृत विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियम (यूडीसीपीआर) का हवाला देते हुए कहा कि विसंगतियों को दूर करने और नियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए संशोधन आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के पैसे का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना और परियोजनाओं को दीर्घकालिक योजना के अनुरूप बनाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जहां वित्तीय संकट या कानूनी जटिलताओं का खतरा होता है, वहां निर्णयों की समीक्षा की जाती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के मंत्री और एकनाथ शिंदे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले गणेश नाइक ने हाल ही में यूडीसीपीआर की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें कुछ बेतुके प्रावधान हैं जो शहरों के नियोजित विकास को प्रभावित करते हैं।
कांग्रेस ने मुंबई और 28 अन्य महानगरपालिकाओं में मतदान की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री द्वारा किये गए इस खुलासे को लेकर भी सवाल उठाए। ‘महायुति’ सरकार में सहयोगी होने के बावजूद, भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना कुछ नगर निकायों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।
कांग्रेस नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के राष्ट्रीय सचिव सचिन सावंत ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए परियोजनाओं को रोकने के पीछे की दलीलों पर सवाल उठाये।
उन्होंने कहा,‘‘चुनाव प्रचार समाप्त होने के दिन ही मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्रियों पर कुप्रबंधन के आरोप लगा रहे हैं। यह कोई मामूली आंतरिक मतभेद नहीं बल्कि एक बड़ा मतभेद प्रतीत होता है।’’
सावंत ने कहा, ‘‘बिना जांच के मुख्यमंत्री यह कैसे तय कर सकते हैं कि यह दुर्भावनापूर्ण है या वास्तविक? 40,000 करोड़ रुपये की लागत में वृद्धि कोई छोटी बात नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि केवल शहरी विकास विभाग को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से उन परियोजनाओं का विवरण सार्वजनिक करने को कहा जो रुकी हुई हैं।
भाषा धीरज नरेश
नरेश

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