स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात ईडी हिरासत में; उसपर व्यवस्थित रूप से वसूली का आरोप

स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात ईडी हिरासत में; उसपर व्यवस्थित रूप से वसूली का आरोप

स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात ईडी हिरासत में; उसपर व्यवस्थित रूप से वसूली का आरोप
Modified Date: May 20, 2026 / 09:15 pm IST
Published Date: May 20, 2026 9:15 pm IST

मुबई, 20 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को एक अदालत से स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात को उसकी हिरासत में भजने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसने (बाबा ने) दैवीय शक्तियों का दावा करते हुए सुनियोजित तरीके से जबरन वसूली की और 60 बैंक खातों के माध्यम से 47 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम को इधर से उधर किया।

धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित विशेष अदालत ने बुधवार को खरात को 26 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।

पहले से ही दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे खरात को धनशोधन मामले में मंगलवार को गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने आज अदालत में पेश किया।

निदेशालय ने विस्तृत जांच के लिए उसकी 10 दिन की हिरासत का अनुरोध किया था।

ईडी ने छह अप्रैल को खरात के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई नासिक पुलिस की उस प्राथमिकी के आधार पर की गई, जिसमें खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने और महिलाओं को नशीले पदार्थों का सेवन कराके उनपर (यौन) हमले संबंधी आरोप लगाए गए हैं।

ईडी ने दावा किया कि खरात ने बेनामी या प्रॉक्सी बैंक खातों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली रैकेट चलाया एवं धनशोधन किया।

ईडी ने अदालत में कहा कि खरात ने अपने अनुयायियों की सहमति के बिना, उनके दस्तावेजों का उपयोग करके राहता में समता नगरी सहकारी ऋण समिति में गुपचुप तरीके से 60 अलग-अलग बैंक खाते खोले, जिनमें से 43 खाते मई 2021 में एक ही दिन खोले गए थे।

निदेशालय ने कहा कि उसने 2021 एवं 2026 के बीच इन बैंक खातों में 47.74 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यवस्थित तरीके से इधर से उधर की।

गौरतलब है कि इससे पहले उसके लिए पेशी वारंट जारी करने का अनुरोध करते समय ईडी ने अनुमानित राशि 70 करोड़ रुपये बताई थी।

ईडी की ओर से पेश हुए सरकारी वकील अरविंद आघाव ने बताया कि खुद को ‘कैप्टन’ कहने वाले खरात अपने को भगवान शिव का अवतार बताता था और अलौकिक शक्तियों एवं विशेष धार्मिक ज्ञान होने का दावा करता था।

अभियोजक ने बताया कि उसने नकली अनुष्ठानों और रिमोट-कंट्रोल से चलने वाले नकली सांपों एवं बाघ की खाल जैसी चीजों का इस्तेमाल करके तथा दैवीय प्रकोप, काला जादू एवं मृत्यु की धमकियों से भय का माहौल बनाया।

ईडी ने कहा कि वह लोगों की धार्मिक कमजोरियों का फायदा उठाता था और तथाकथित ‘‘अवतार पूजा’’ एवं अन्य मनगढ़ंत धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उनसे मोटी रकम वसूलता था।

ईडी ने दावा किया कि खरात ने अपराध से हुई कमाई का इस्तेमाल अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम से अचल संपत्तियां अर्जित करने में करता था तथा इस तरह धनशोधन कर उसे वैध संपत्ति के रूप में पेश करता था।

खरात के खिलाफ महिलाओं से दुष्कर्म और यौन शोषण से जुड़ी कई प्राथमिकियां दर्ज हैं। एक विवाहित महिला की ओर से तीन साल तक बार-बार दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद खरात को 18 मार्च को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले वह नासिक में न्यायिक हिरासत में था और उसे पेशी रिमांड पर मुंबई लाया गया था।

भाषा राजकुमार सुरेश

सुरेश


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