सेवा लाभ या प्रतिफल के लिए नहीं की जानी चाहिए: भागवत

सेवा लाभ या प्रतिफल के लिए नहीं की जानी चाहिए: भागवत

सेवा लाभ या प्रतिफल के लिए नहीं की जानी चाहिए: भागवत
Modified Date: January 13, 2023 / 10:14 pm IST
Published Date: January 13, 2023 10:14 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

नागपुर, 13 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘सेवा’’ लोगों के बीच अपनापन पैदा करती है और बदले में किसी लाभ या प्रतिफल की लालसा के बिना ऐसा किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि करुणा एक प्रेम है, जिसका लाभ का कोई मकसद नहीं होता है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि जानवरों में करुणा का भाव नहीं है, लेकिन करुणा का दायरा मनुष्यों में व्यापक है।

आरएसएस नेता यहां पशु चिकित्सकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी को दिखावे के लिए या प्रतिफल के लिए ‘‘सेवा’’ नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह पूरी लगन से और निस्वार्थ भाव से की जानी चाहिए।

भागवत ने कुष्ठ रोगियों की देखभाल के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. विकास आमटे के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति दुखी है, तो उसकी ‘‘सेवा’’ की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक ही सूत्र सभी मनुष्यों को बांधे रखता है और जिसे वे अपना मानते हैं, उसमें भेद नहीं करते और इसी गुण को मनुष्यता कहते हैं।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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