‘व्यावहारिक रुख अपनाएं, हम भारत में हैं’: अदालत ने होटल का लाइसेंस बहाल करते हुए कहा

‘व्यावहारिक रुख अपनाएं, हम भारत में हैं’: अदालत ने होटल का लाइसेंस बहाल करते हुए कहा

‘व्यावहारिक रुख अपनाएं, हम भारत में हैं’: अदालत ने होटल का लाइसेंस बहाल करते हुए कहा
Modified Date: July 30, 2026 / 12:03 pm IST
Published Date: July 30, 2026 12:03 pm IST

मुंबई, 30 जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने स्वच्छता संबंधी खामियों को लेकर नवी मुंबई के एक चार सितारा होटल का लाइसेंस निलंबित करने का महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) का आदेश रद्द कर दिया।

अदालत ने प्रशासन से कहा कि वह इस बात को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक रुख अपनाए कि ‘‘हम भारत में हैं।’’

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने होटल को राहत देते हुए बुधवार को कहा कि एफडीए का निर्णय दो छोटे कीड़े पाए जाने के आधार पर लिया गया था।

अदालत ने कहा कि स्वच्छता, रखरखाव और संचालन के संबंध में समग्र अनुपालन रिपोर्ट ‘‘संतोषजनक’’ होने के बावजूद केवल ‘‘दो कीड़े पाए जाने’’ के आधार पर लाइसेंस का निलंबन जारी रखना उचित नहीं है।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘हम भारत में हैं। हमें व्यावहारिक रुख अपनाना होगा।’’

एफडीए ने दो जुलाई को परिसर के औचक निरीक्षण के एक दिन बाद तीन जुलाई को ‘पार्क इन बाय रेडिसन’ होटल का भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। उसने स्वच्छता, साफ-सफाई, खाद्य भंडारण और खाद्य पदार्थों के रखरखाव में ‘‘गंभीर खामियों’’ का हवाला दिया था।

इसके बाद होटल ने उच्च न्यायालय का रुख करते हुए कहा कि यह आदेश अत्यधिक कठोर और असंगत है।

एफडीए के अनुसार, होटल को अनुपालन में 95 प्रतिशत अंक मिले थे लेकिन रसोई क्षेत्र में कीड़े पाए जाने के कारण उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।

सरकारी वकील नेहा भिडे ने बुधवार को अदालत से कहा कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘एक कीड़ा हो या 10, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस मामले में नियमों का पालन न किए जाने को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’’

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त के समक्ष अपील का वैधानिक उपाय उपलब्ध है।

हालांकि, पीठ ने सवाल किया कि जब प्रतिष्ठान ने अन्य सभी निर्धारित मानकों का काफी हद तक पालन किया था, तब क्या केवल इस खामी के आधार पर लाइसेंस निलंबित करने जैसा कठोर कदम उचित था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘‘पिछले सप्ताह हमारी मेज पर भी एक तिलचट्टा था। यहां एक मक्खी भी है।’’

अदालत ने निलंबन आदेश रद्द करते हुए अधिकारियों को होटल का एफएसएसएआई लाइसेंस तत्काल बहाल करने और उसे खाद्य कारोबार फिर शुरू करने की अनुमति देने का निर्देश दिया।

पीठ ने यह भी सवाल किया कि क्या खाद्य सुरक्षा मानकों को समान रूप से लागू किया जा रहा है। उसने एफडीए को मंत्रालय और उच्च न्यायालय की कैंटीन समेत सभी सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी भोजनालयों का निरीक्षण करने और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ निरीक्षण की स्थिति संबंधी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई 31 जुलाई को होगी। उसी दिन एफडीए के राज्यभर में निरीक्षणों का विवरण अदालत के समक्ष पेश करने की संभावना है।

भाषा

सिम्मी धीरज

धीरज


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