शह मात The Big Debate: Gen-Z के साथ सेल्फी.. विपक्ष को क्यों खटकी? बच्चों के प्रोत्साहन पर विवाद का ‘ग्रहण’! क्या कार्यक्रमों और मंचों की तस्वीरों पर भी राजनीति जरूरी है?

Gen-Z के साथ सेल्फी.. विपक्ष को क्यों खटकी? बच्चों के प्रोत्साहन पर विवाद का 'ग्रहण'! CM Vishnudev Sai Took Selfie with NEET Students

शह मात The Big Debate: Gen-Z के साथ सेल्फी.. विपक्ष को क्यों खटकी? बच्चों के प्रोत्साहन पर विवाद का ‘ग्रहण’! क्या कार्यक्रमों और मंचों की तस्वीरों पर भी राजनीति जरूरी है?
Modified Date: July 30, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: July 30, 2026 12:08 am IST

रायपुरः CM Vishnudev Sai Took Selfie छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य संस्था के NEET परीक्षा 2026 में सफल बच्चों से संवाद किया। उनके साथ सेल्फी ली। इसे विपक्ष कोरी सियासी नौटंकी करार दे रहा है तो बीजेपी जबाव में इसे ओछी मानसिकता वाली सियासत करार दे रही है।

CM Vishnudev Sai Took Selfie प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने NEET छात्रों के साथ सेल्फी ली। विपक्ष को जरा भी रास नहीं आई। विपक्ष का सीधा आरोप है कि एक तरफ तो बीजेपी सरकार के इशारे पर, इंसाफ मांगते नीट के आंदोलनकारी छात्रों पर लाठियां और गोलियां चलवाई जाती हैं। दूसरी तरफ बीजेपी की प्रदेश सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय बच्चों के साथ फोटो खिंचवाकर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। आरोपों पर बीजेपी ने भी जमकर पलटवार किया। एकात्म परिसर में एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस करते हुए। बीजेपी ने भूपेश सरकार के दौरान हुए पीएससी घोटाले की याद दिलाते हुए कहा तंज भी कसा।

दरअसल, प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में, एकलव्य संवाद कार्यक्रम के दौरान, प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों से नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से संवाद किया। CM साय ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। संसद के सदन से लेकर प्रदेश की सड़कों तक कांग्रेस ये भूलने देना नहीं चाहती कि कैसे मौजूदा सरकार के दौरान नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन पर लाठीचार्ज हुआ, उपद्रव के हालात बने। याद दिलाया कि बीजेपी की केंद्र सरकार के दौरान ही आंदोलनकारियों पर गोलियां तक चलाई गईं, लेकिन सवाल ये है कि ये मंच प्रदेश के प्रतिभावान बच्चों का था, वो भी उन बच्चों को जो बस्तर जैसे इलाकों से निकलकर नीट परीक्षा में कामयाब हो रहे हैं। क्या ऐसे कार्यक्रमों और मंचों की तस्वीरों पर भी राजनीति जरूरी है? क्या इससे बच्चों को कोई लाभ होगा?

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