आतंक जांच: बांद्रा में मस्जिद ढहाये जाने का बदला लेने के लिए रची गई हमलों की साजिश
आतंक जांच: बांद्रा में मस्जिद ढहाये जाने का बदला लेने के लिए रची गई हमलों की साजिश
(ज्ञानेश चव्हाण)
मुंबई, 31 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किये गए पाकिस्तान समर्थित आईएसआई-आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों ने बांद्रा के गरीब नगर इलाके में अतिक्रमण-रोधी अभियान के तहत एक अवैध मस्जिद को गिराए जाने का बदला लेने के लिए मुंबई में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों पर हमला करने की साजिश रची थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कहा कि उसने एक नेपाली नागरिक सहित आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन पर दिल्ली और अन्य शहरों में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों पर हमले की साजिश रचने का आरोप है।
बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर में अवैध ढांचों को ध्वस्त करने के लिए 19 से 23 मई तक चलाए गए अभियान में पथराव की घटनाएं हुईं, जिसमें पुलिसकर्मियों सहित 10 लोग घायल हुए।
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि संदिग्धों ने गरीब नगर में चलाये गए अतिक्रमण-रोधी अभियान की कथित तौर पर टोह ली थी और पुलिस तैनाती के वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेजी थीं।
उन्होंने कहा कि गरीब नगर में अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान तैनात पुलिसकर्मी और हिंदू समुदाय के सदस्य भी उन समूहों में शामिल थे, जिन्हें निशाना बनाने की साजिश रची गई थी।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, गैंगस्टर शहजाद भट्टी, यावर खान और अंडरवर्ल्ड के सरगना छोटा शकील के करीबी सहयोगी मुन्ना झिंगड़ा द्वारा रची गई थी।
उन्होंने बताया कि विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने 27 मई को मुंबई के कुर्ला से साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान और ठाणे जिले के मुंब्रा से तौकीर रिजवान शेख को गिरफ्तार किया।
अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि दोनों ने दादर रेलवे स्टेशन के बाहर एक भीड़भाड़ वाले पुल को संभावित लक्ष्य के रूप में चुना था।
उन्होंने बताया कि आरोपियों से जब्त किए गए मोबाइल फोन में मुंबई के कई स्थानों के वीडियो के साथ-साथ पाकिस्तान और दुबई में उनके आकाओं के साथ हुई ‘चैट’ और ‘वॉयस नोट’ भी मिले हैं।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई निवासी एक संदिग्ध हुजैफा ने कथित तौर पर स्थानीय गुर्गों को इस मॉड्यूल में भर्ती किया था और वह फिलहाल फरार है।
प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों का हवाला देते हुए अधिकारी ने बताया कि इस मॉड्यूल को मुंबई में पुलिसकर्मियों, सुरक्षा बलों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले करने और अंधाधुंध गोलीबारी करने का काम सौंपा गया था।
अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस हाई अलर्ट पर हैं और नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि षड्यंत्रकारी के रूप में झिंगड़ा का नाम सामने आया है।
अधिकारी ने बताया कि माना जाता है कि झिंगड़ा कराची से गिरोह संचालित करता है और वह इस हमले की साजिश का समन्वय कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, झिंगड़ा ने 2000 में माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम के इशारे पर बैंकॉक में गैंगस्टर छोटा राजन पर हमला किया था और बाद में थाईलैंड की जेल में 17 साल बिताए थे।
भाषा शफीक सुभाष
सुभाष

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