Ambarnath Municipal Council Election: कांग्रेस से सस्पेंड 12 नेताओं ने थामा BJP का दामन.. बदल गया पूरा सियासी समीकरण, सामने आया प्रदेश अध्यक्ष का बयान

Ambarnath Municipal Council Election: कांग्रेस ने इस असामान्य गठबंधन से नाराज होकर अपने 12 पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। अब इन पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण और बदल गए हैं।

Ambarnath Municipal Council Election: कांग्रेस से सस्पेंड 12 नेताओं ने थामा BJP का दामन.. बदल गया पूरा सियासी समीकरण, सामने आया प्रदेश अध्यक्ष का बयान

Ambarnath Municipal Council Election || Image- ANI File

Modified Date: January 9, 2026 / 06:49 am IST
Published Date: January 9, 2026 6:18 am IST
HIGHLIGHTS
  • कांग्रेस से निलंबित 12 पार्षद भाजपा में शामिल
  • अंबरनाथ नगर परिषद का सियासी समीकरण बदला
  • शिवसेना ने गठबंधन धर्म उल्लंघन बताया

ठाणे: जिले की अंबरनाथ नगरपालिका परिषद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। (Ambarnath Municipal Council Election) चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ जुड़ने के कारण कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए 12 नवनिर्वाचित पार्षद अब औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

सीएम ने किया था अलायंस को ख़ारिज

कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर भाजपा की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि एक ओर कांग्रेस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पार्षदों को निलंबित किया, वहीं भाजपा ने उन्हें अपने दल में शामिल कर लिया, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ऐसे गठबंधनों को अस्वीकार्य बता चुके थे।

‘सत्ता की लालसा नहीं, विकास की प्रतिबद्धता’ : भाजपा

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने बुधवार देर रात पार्टी कार्यालय में इन 12 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। (Ambarnath Municipal Council Election) उन्होंने कहा कि यह फैसला सत्ता की लालसा से नहीं, बल्कि विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता से प्रेरित है। मंत्री गणेश नाइक की उपस्थिति में सभी पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

 ⁠

किसे मिली कितनी सीटें?

20 दिसंबर को हुए स्थानीय निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ (एवीए) बनाई और नगर परिषद का नेतृत्व संभाला। इस गठबंधन ने 60 सदस्यीय परिषद में 31 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया, जबकि सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी शिवसेना 27 सीटों पर सिमट गई।

गठबंधन धर्म का उल्लंघन: शिवसेना

कांग्रेस ने इस असामान्य गठबंधन से नाराज होकर अपने 12 पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। अब इन पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक समीकरण और बदल गए हैं। (Ambarnath Municipal Council Election) जहां भाजपा इसे सरकार में बढ़ते विश्वास का संकेत बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ महायुति की सहयोगी शिवसेना ने इसे ‘गठबंधन धर्म’ का उल्लंघन करार दिया है।

इन्हें भी पढ़ें:-


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown