ठाणे में भारतीय संविधान की कलात्मक विरासत पर तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू
ठाणे में भारतीय संविधान की कलात्मक विरासत पर तीन दिवसीय प्रदर्शनी शुरू
ठाणे, पांच मार्च (भाषा) भारतीय संविधान की कलात्मक और सुलेख संबंधी विरासत को प्रदर्शित करने वाली तीन दिवसीय प्रदर्शनी की बृहस्पतिवार को यहां शुरुआत की गई। आयोजकों ने यह जानकारी दी।
‘संविधान अमृतवंदना’ शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल बोस और शांतिनिकेतन से उनके विद्यार्थियों द्वारा 1949 में की गई चित्रकारी को प्रदर्शित किया गया।
आयोजकों के अनुसार मूल हस्तलिखित संविधान को अलंकृत करने वाली ये कलाकृतियां भारत की प्राचीन सभ्यतागत जड़ों से एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में हुए परिवर्तन को दर्शाती हैं।
विद्या प्रसारक मंडल के टीएमसी विधि महाविद्यालय में आयोजित यह प्रदर्शनी सात मार्च तक चलेगी।
इस बीच, संविधान के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में बुधवार को नवी मुंबई महानगर पालिका ने मुंबई विश्वविद्यालय के सहयोग से एक संगोष्ठी का आयोजन किया।
अधिकारियों ने बताया कि इसमें डॉ. बी आर आंबेडकर के विकास संबंधी दृष्टिकोण पर चर्चा की गई।
भाषा खारी वैभव
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