तोपों की गड़गड़ाहट, ड्रोनों की ताकत : रेजिमेंट ने मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया
तोपों की गड़गड़ाहट, ड्रोनों की ताकत : रेजिमेंट ने मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया
नासिक, 21 जनवरी (भाषा) सेना की तोपखाना रेजिमेंट ने अपने वार्षिक अभ्यास ‘एक्सरसाइज तोपची’ के दौरान बुधवार को भारतीय सेना की गोलाबारी क्षमता का जबरदस्त प्रदर्शन किया जिसमें लंबी दूरी के हथियारों की गड़गड़ाहट से जमीन थर्रा गई।
अभ्यास के दौरान के-9 वज्र और एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप ने आग बरसाई, वहीं स्वदेशी रूप से निर्मित तोपखाना प्रणालियों सहित कई अन्य तोपों ने भी जमकर गोलाबारी की।
इस आयोजन में तोपों, मोर्टार, रॉकेट, ड्रोन और विमानन साजोसामान सहित उन्नत मारक क्षमता और निगरानी प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया गया।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज स्थित स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आयोजित अभ्यास के दौरान की गई ‘कमेंट्री’ के अनुसार, इनमें से कई हथियारों का उपयोग ऑपरेशन सिंदूर सहित कई तरह के संघर्षों में किया गया है।
भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट के जवानों ने ‘पैरामोटर’ और ‘हैंग-ग्लाइडर’ के साथ मिलकर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
यह भव्य आयोजन लेफ्टिनेंट जनरल नवनीत सिंह सरना, कमांडेंट, स्कूल ऑफ आर्टिलरी और कर्नल कमांडेंट ऑफ रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी, कमांडेंट, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन थे।
सरना ने कहा, ‘‘ यह अभ्यास भारतीय तोपखाने की व्यावसायिकता और परिचालन उत्कृष्टता का एक सशक्त प्रमाण था। यह परिचालन तत्परता, तकनीकी प्रगति और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पर जोर को रेखांकित करता है।’’
भाषा शोभना नरेश
नरेश


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