महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, नासिक में दो लोगों की मौत

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, नासिक में दो लोगों की मौत

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, नासिक में दो लोगों की मौत
Modified Date: April 3, 2026 / 08:57 pm IST
Published Date: April 3, 2026 8:57 pm IST

मुंबई, तीन अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसल को नुकसान की सूचना मिली है।

अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है।

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए कई क्षेत्रों में सर्वेक्षण जारी है।

राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसका प्रभाव उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा विदर्भ के कुछ हिस्सों में गंभीर रहा है, जिससे 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं।

राजस्व विभाग के सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजीनगर शामिल हैं, जहां खड़ी और कटी हुई रबी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा जैसी कटाई के लिए तैयार फसलें कई जगहों पर पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं, जबकि अंगूर, अनार और आम सहित फलों के बागों में भारी मात्रा में फल गिर गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं और कई खेतों में जलभराव की सूचना मिली है।

राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरने ने कहा, “मार्च के अंतिम सप्ताह में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली फसलें प्रभावित हुई हैं। केला, गेहूं, मक्का, चना, आम, ज्वार, तरबूज और सब्जियों की फसल गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।’

बारामती से लोकसभा सदस्य और राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के लिए प्रभावित किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “बारामती लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे पुणे जिले और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि और भारी बारिश हुई है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।”

पुणे जिले के ही पिंपरी चिंचवड में बेमौसम बारिश के कारण शहर में बाढ़ और स्वच्छता संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो गईं।

अधिकारियों ने बताया कि पुणे जिले के अंबेगांव तालुका में भी बृहस्पतिवार दोपहर तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कृषि उत्पादों के साथ-साथ ईंट भट्ठों को भी नुकसान पहुंचा।

अधिकारियों ने बताया कि अकेले उत्तरी महाराष्ट्र में लगभग 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें क्षतिग्रस्त हुईं, जिनमें नासिक मंडल में 50,000 हेक्टेयर से अधिक की फसलें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि धुले जिले में 8,000 हेक्टेयर से अधिक की फसल प्रभावित हुई, जबकि ओलावृष्टि से सोलापुर और आसपास के इलाकों में नुकसान हुआ।

इस बीच, भारत मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों में और अधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत


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