महाराष्ट्र में ‘शक्ति’ कानून लागू करने के लिए वर्षा गायकवाड ने राज्यपाल को पत्र लिखा

महाराष्ट्र में 'शक्ति' कानून लागू करने के लिए वर्षा गायकवाड ने राज्यपाल को पत्र लिखा

महाराष्ट्र में ‘शक्ति’ कानून लागू करने के लिए वर्षा गायकवाड ने राज्यपाल को पत्र लिखा
Modified Date: May 6, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: May 6, 2026 5:36 pm IST

मुंबई, छह मई (भाषा) कांग्रेस की मुंबई इकाई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड ने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को पत्र लिखकर राज्य में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ ‘‘बढ़ते’’ अपराधों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और ‘शक्ति’ कानून तत्काल लागू करने पर जोर दिया है।

गायकवाड ने पांच मई को लिखे एक पत्र में कानून-व्यवस्था गंभीर रूप से बिगड़ने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में देश में महाराष्ट्र राज्य दूसरे स्थान पर हो गया है।

उनका यह अनुरोध पुणे जिले के एक गांव में चार वर्षीय बच्ची के कथित बलात्कार और हत्या के विरोध में किये जा रहे व्यापक प्रदर्शनों के बीच आया है।

उन्होंने दावा किया कि मुंबई में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें बलात्कार, छेड़छाड़ और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पीओसीएसओ) अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं।

मुंबई उत्तर मध्य की सांसद गायकवाड ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा, “न तो लड़कियां स्कूल में सुरक्षित हैं, न ही महिलाएं अपने घरों में सुरक्षित हैं।”

हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए, गायकवाड ने पुणे की घटना, चाकन और बदलापुर में स्कूली छात्राओं से जुड़े मामलों और मुंबई के साकीनाका में एक युवती पर हुए हमले का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरे राज्य से आ रही हैं और ये केवल बड़े शहरी केंद्रों तक ही सीमित नहीं हैं। गायकवाड ने यह भी कहा कि ‘शक्ति’ कानून, जिसमें निर्धारित समय सीमा के भीतर मृत्युदंड सहित कठोर सजा का प्रावधान है, राज्य विधानमंडल द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।

उन्होंने कहा, “जब भी कोई भयावह घटना होती है, तो आक्रोश व्यक्त किया जाता है, सरकार अलर्ट जारी करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदलता।”

गायकवाड ने पूर्णकालिक गृह मंत्री नहीं होने के लिए राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वर्तमान में गृह सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं।

उन्होंने कहा, “समर्पित, पूर्णकालिक गृह मंत्री की अनुपस्थिति ने कानून-व्यवस्था तंत्र पर असहनीय बोझ डाल दिया है।”

गायकवाड ने अपने पत्र में, राज्यपाल वर्मा से राज्य सरकार को महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने, अपराधियों को निवारक के रूप में त्वरित दंड सुनिश्चित करने और महाराष्ट्र में शक्ति कानून के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

आंध्र प्रदेश के दिशा अधिनियम और अन्य समान कानूनों से प्रेरित शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2020 को महाराष्ट्र विधानसभा ने 2021 में पारित किया था। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।

भाषा अमित माधव

माधव


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