Navratri Ka Teesra Din Maa Chandraghanta: नवरात्रि के तीसरे दिन करें ये खास काम! मां चंद्रघंटा का मिलेगा आशीर्वाद, सभी परेशानियों से होंगे मुक्त

Navratri Ka Teesra Din Maa Chandraghanta: नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, जो शक्ति, साहस और शांति का प्रतीक मानी जाती हैं।

Navratri Ka Teesra Din Maa Chandraghanta: नवरात्रि के तीसरे दिन करें ये खास काम! मां चंद्रघंटा का मिलेगा आशीर्वाद, सभी परेशानियों से होंगे मुक्त

navratri day 3/ image source: PINTEREST

Modified Date: March 21, 2026 / 07:27 am IST
Published Date: March 21, 2026 7:27 am IST
HIGHLIGHTS
  • नवरात्रि तीसरे दिन मां चंद्रघंटा पूजा
  • भय और कष्ट दूर करने वाली
  • देवी दूध और खीर का विशेष भोग

Navratri Ka Teesra Din Maa Chandraghanta: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो चुकी है और इसका समापन 27 मार्च को होगा। इस पावन पर्व के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित होता है, जो शक्ति, साहस और शांति का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से मां की आराधना करने से भक्तों के जीवन से भय, कष्ट और नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

Navratri Day 3 Maa Chandraghanta: नवरात्रि तीसरे दिन मां चंद्रघंटा पूजा

मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और तेजस्वी माना जाता है। उनका शरीर स्वर्ण के समान चमकदार होता है और वे सिंह पर सवार रहती हैं, जो निर्भीकता और पराक्रम का प्रतीक है। उनके दस भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र जैसे त्रिशूल, तलवार, धनुष-बाण और गदा शामिल होते हैं, जो बुराई के विनाश का संकेत देते हैं। मां के मस्तक पर अर्धचंद्र सुशोभित होता है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका यह स्वरूप भक्तों की रक्षा करने वाला और सभी प्रकार के संकटों का नाश करने वाला माना जाता है।

chaitra navratri 2026: दूध और खीर का विशेष भोग

पूजा विधि के अनुसार, नवरात्रि के तीसरे दिन भक्तों को प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद मां चंद्रघंटा का ध्यान करते हुए पूजा की शुरुआत की जाती है। पूजा में सबसे पहले मां को फूल, माला, कुमकुम, सिंदूर और अक्षत अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद दीपक और धूप जलाकर विधिपूर्वक मंत्रों का जाप किया जाता है। इस दिन के विशेष मंत्रों का उच्चारण करने से मां शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

मां चंद्रघंटा को भोग में विशेष रूप से दूध और दूध से बनी मिठाइयां अर्पित की जाती हैं। माना जाता है कि केसर की खीर या अन्य दूध आधारित प्रसाद अर्पित करने से मां अत्यंत प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। इसके अलावा इस दिन दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

पूजा के अंत में मां चंद्रघंटा की आरती अवश्य करनी चाहिए और पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा याचना करनी चाहिए। माना जाता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा से मां शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा का ध्यान करने से मन की अशांति दूर होती है और व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। इस प्रकार नवरात्रि का तीसरा दिन आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति प्राप्त करने का विशेष अवसर प्रदान करता है। भक्त इस दिन मां की कृपा पाने के लिए पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।