Last Sawan Somwar 2026: बस आखिरी सोमवार को कर लें ये छोटा-सा दान! पूरे साल घर में बनी रहेगी सुख-शांति और महादेव की कृपा

Last Sawan Somwar 2026: सावन का आखिरी सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए बेहबद शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शिवजी को प्रिय वस्तुओं का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि किन चीजों का दान करना चाहिए।

Last Sawan Somwar 2026: बस आखिरी सोमवार को कर लें ये छोटा-सा दान! पूरे साल घर में बनी रहेगी सुख-शांति और महादेव की कृपा

(Last Sawan Somwar 2026/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: August 23, 2026 / 10:46 am IST
Published Date: August 23, 2026 10:33 am IST
HIGHLIGHTS
  • आखिरी सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार है।
  • दान का महत्व: इस दिन जरूरतमंदों को दान करना शुभ माना जाता है।
  • इन चीजों का करें दान: दूध, दही, चावल, सफेद वस्त्र, काले तिल, रुद्राक्ष और छाता दान कर सकते हैं।

Last Sawan Somwar 2026: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान भक्त भोलेनाथ को जल चढ़ाकर और व्रत रखकर उनकी आराधना करते हैं। साल 2026 में सावन के तीन सोमवार बीत चुके हैं और आखिरी सोमवार 24 अगस्त को (Sawan Last Somwar 2026) पड़ रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन सोमवार को पूजा पाठ के साथ दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों की मदद करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

सावन सोमवार को किन चीजों का दान करें

आखिरी सावन सोमवार पर (Sawan Last Somwar 2026) जरूरतमंद लोगों को दूध और दही का दान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा चावल, चीनी और सफेद कपड़े जैसी सफेद चीजें दान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इससे चंद्रमा से जुड़े दोष शांत होते हैं। काले तिल का दान नकारात्मकता दूर करने और पापों से मुक्ति के लिए शुभ माना जाता है। भगवान शिव से जुड़ी पवित्र वस्तु रुद्राक्ष का दान भी कल्याणकारी बताया गया है। बारिश के मौसम को देखते हुए जरूरतमंदों को छाता और जूते-चप्पल देना भी पुण्य का काम माना जाता है।

शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें

सावन सोमवार के दिन शिवलिंग का अभिषेक करना विशेष महत्व रखता है। भक्त भगवान शिव को साफ पानी या गंगाजल अर्पित कर सकते हैं। इसके साथ कच्चे दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक करने की परंपरा है। पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के सफेद फूल, चंदन और अक्षत भी चढ़ाए जाते हैं। इसके अलावा मौसम के अनुसार उपलब्ध फलों को भी भगवान शिव को श्रद्धा से अर्पित किया जा सकता है।

पूजा और दान से पाएं भोलेनाथ की विशेष कृपा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार को (Sawan Last Somwar 2026) भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखकर शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। पूजा के बाद जरूरतमंदों को उपयोगी वस्तुओं का दान करना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और सेवा भाव से की गई पूजा-अर्चना से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख-शांति तथा मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद देते हैं।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।