Quote of the day: जब बदले की भावना आपको “जैसे को तैसा” करने पर मजबूर करें, तब गौतम बुद्ध की यह अनमोल सीख़ आपको तबाही से बचा लेगी..

Quote of the day: क्या प्रतिशोध की आग में जलते मन को कभी सुकून मिल सकता है? आइए जानते हैं महात्मा बुद्ध के वो अनमोल विचार, जो हमारे भीतर भड़कते क्रोध और बदले की भावना को जड़ से खत्म कर, ज़िंदगी में कभी न मिटने वाली परम शांति का मार्ग दिखाते हैं..

Quote of the day: जब बदले की भावना आपको “जैसे को तैसा” करने पर मजबूर करें, तब गौतम बुद्ध की यह अनमोल सीख़ आपको तबाही से बचा लेगी..

Quotes of the day 21st August 2026/Image Credit: ScreenGrab / AI Generated / @Grok

Modified Date: August 21, 2026 / 04:13 pm IST
Published Date: August 21, 2026 4:09 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बुद्ध की सबसे क्रांतिकारी जीवन-सीख!
  • "जैसा सोचोगे, वैसा ही बन जाओगे"
  • प्रतिशोध की आग को बुद्ध के इन 4 महा-स्तंभों से शांत करो!

Quote of the day 21st August 2026: जब कोई अपना हमें धोख़ा देता है, अपमानित करता है, वादा तोड़ता है या फिर जानबूझकर दिल दुखाता है, चोट पहुंचाता है तो अंदर ही अंदर बहुत गुस्सा आता है। मन करता है कि उसे उसी की भाषा में सबक सिखाएं। यह सोचना आम बात है लेकिन गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ हमें बताती है कि बदले की भावना हमें कभी शान्ति नहीं देती, बल्कि हमारे मन पर एक भारी बोझ बन जाती है।

बुद्ध की शिक्षाएँ सिर्फ धार्मिक ग्रंथों में पढ़ने के लिए नहीं हैं, बल्कि इन्हें अपनाकर हम अपनी रोज़ की ज़िंदगी को तनावमुक्त और शांत बना सकते हैं। तो चलिए, आज हम इन्हीं अनमोल सीखों को बहुत ही सरल भाषा में और गहराई से समझते हैं।

Gautam Buddha Quotes: नफ़रत का अंत नफ़रत से नहीं होता!

हमारी मन में बदला लेने की चाह इसलिए जागती है क्योंकि हम अपनी चोट को बार-बार कुरेदते रहते हैं। हम सोचते हैं कि अगर हम चुप रह गए तो कमज़ोर लगने लगेंगे। लेकिन, बुद्ध कहते हैं कि असली कमज़ोरी तो क्रोध को पकड़कर बैठने में है। नफ़रत का जवाब कभी नफ़रत नहीं हो सकता। जैसे आग को सिर्फ पानी बुझा सकता है, वैसे ही नफ़रत की आग को केवल प्रेम, करुणा और समझदारी से ही शांत किया जा सकता है।

बदला कभी सुकून नहीं देता, सिर्फ दर्द बढ़ाता है!

अब ज़रा सोचिए, क्या धोखा मिलने पर बदला लेना ही आख़िरी रास्ता है? बुद्ध कहते हैं ‘बिलकुल नहीं’। बदला लेना समस्या को सुलझाता नहीं है, बल्कि उसे और लम्बा खींच देता है। बदले की यह आग दुश्मनी के एक ऐसे चक्र को जन्म देती है जो कभी ख़त्म नहीं होता। बुद्ध सिखाते हैं कि हर इंसान को अपने कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है। इसलिए, हमें दूसरों के कर्मों का हिसाब रखने में अपना समय और सुकून बर्बाद नहीं करना चाहिए।

बुद्ध सिखाते हैं कि सच्ची जीत वह नहीं जो दूसरों को हराकर मिले, बल्कि वह है जब किसी के क्रोध का जवाब शांति से दें। जब सामने वाला गुस्से में हो तो हम शांत रहे, इससे हम अपना और उसका दोनों का भला करते हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप सब कुछ सहते रहें, गलत इंसान से दूरी बनाना और सीमाएं तय करना ज़रूरी है, पर मन में कड़वाहट रखें खुद को तकलीफ पहुँचाना है। बदले की भावना से लड़ना कठिन ज़रूर है लेकिन सबसे कीमती युद्ध है।

Motivational Quotes: सोच और ज़िंदगी बदल देने वाले 4 स्तम्भ: करुणा, मित्रता, क्षमा और अन्तर्मन!

गौतम बुद्ध की कुछ सीखें ऐसी हैं जो सोच और ज़िंदगी दोनों को बदल देती हैं:

  • करुणा: करुणा का मतलब है “किसी के दुःख अथवा तकलीफ को समझना”। जब कोई हमें धोखा देता है तो हम सिर्फ अपनी चोट देखते हैं, लेकिन यदि हम थोड़ा रूककर सोचें कि धोखा देने वाला खुद अज्ञान के अंधेरे में है, तो आपका क्रोध दया में बदल जाता है।
  • मैत्री यानी मित्रता: बुद्ध कहते हैं कि सबके प्रति मित्रता की भावना रखो। रोज़ सुबह उठकर बस कुछ पल के लिए यह विचार करें कि सब सुखी रहे, सब शांत रहें। यह छोटा सा अभ्यास धीरे-धीरे मन को भीतर से शीतल और शांत बना देगा।
  • क्षमा: क्षमा का मतलब यह नहीं है कि गलत को सही मान लो। इसका सीधा सा अर्थ है कि आप उस कड़वी घटना को अपने दिल से बाहर निकाल फेंकें, ताकि वह आपको बार-बार चोट न पहुँचा सके।
  • मन पर नज़र रखना यानी अंतर्ध्यान: बुद्ध कहते हैं कि मन ही सब कुछ है। हम जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। इसलिए, जब भी मन में प्रतिशोध या बदले का विचार आए, तो उसे एक साक्षी की तरह देखें, पहचानें और धीरे से उसे जाने दें।

बुद्ध कहते हैं कि असली शक्ति बदला लेने में नहीं, बल्कि अपने क्रोध पर विजय पाने में हैं। नफ़रत को सिर्फ प्यार से, बुराई को अच्छाई से और हिंसा को शांति से ही जीता जा सकता है। जैसे ही आप अपने मन से क्रोध की इस आग को बाहर निकाल देते हैं, आपको एक अद्भुत शांति और आज़ादी का एहसास होता है। यही वह सुकून है जो आपकी सोच और पूरी ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल देता है।

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लेखक के बारे में

Swati Shah, Since 2023, I have been working as an Executive Assistant at IBC24, No.1 News Channel in Madhya Pradesh & Chhattisgarh. I completed my B.Com in 2008 from Pandit Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G). While working as an Executive Assistant, I enjoy posting videos in the digital department.