#SarkarOnIBC: सीएम भूपेश बघेल के क्लासमेट रहे है गिरिश देवांगन.. OBC होने का भी मिलेगा फायदा, जाने किस तरह हो रही डॉ रमन की घेराबंदी

#SarkarOnIBC: सीएम भूपेश बघेल के क्लासमेट रहे है गिरिश देवांगन.. OBC होने का भी मिलेगा फायदा, जाने किस तरह हो रही डॉ रमन की घेराबंदी

Sarkar On IBC

Modified Date: October 17, 2023 / 11:42 pm IST
Published Date: October 17, 2023 11:42 pm IST

Sarkar On IBC: रायपुर: राजनांदगांव विधानसभा सीट पर पिछले 15 सालों से जमे पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने गिरीश देवांगन को उतारकर मास्टर स्ट्रोक खेला है। कांग्रेस ने एक ही तीर से रमन सिंह को चौतरफा घेर दिया है। मजबूत कैंडिडेट होने के चलते कांग्रेस में भीतरघात की आशंका नहीं होगी और राजनांदगांव की जनता के सामने विकल्प देने की कोशिश होगी। इधर 15 सालों से जमे रमन सिंह को इलाके के लोगों पर एक बार फिर उम्मीद होगी।

MP Assembly Elections 2023: टिकट की टंकार..सियासत धुंआधार! क्या दलों के डैमेज कंट्रोल के प्लान आ रहे काम? 

शतरंज की बिसात पर राजा बेहद अहम होता है, क्योंकि वो ढेर हुआ तो गेम ओवर। तो कांग्रेस ने इस बार सीधे बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे को ट्रैप करने की रणनीति बनाई है। गिरीश देवांगन को अपना उम्मीदवार बनाना उसकी इसी रणनीति का हिस्सा है। करीब 20 साल से रमन सिंह छत्तीसगढ़ बीजेपी की राजनीति के अगुवा बने हुए हैं। इस बार भी ये माना जा रहा है कि टिकट वितरण में उनकी खूब चली है। अब उन्हें उनकी ही सीट पर घेरने की जबरदस्त तैयारी कांग्रेस ने की है। गिरीश देवांगन OBC वर्ग से आते हैं। इस बहाने कांग्रेस OBC राजनीति को और आगे ले जा रही है। गिरीश के बहाने राजनांदगांव सीट पर चुनाव ठाकुर वर्सेज OBC और किसान वर्सेज महल के तौर पर भी भुनाया जाएगा। OBC बाहुल्य सीट के तौर पर राजनांदगांव सीट इस प्रयोग के लिए मुफीद मानी जा रही है। गिरीश देवांगन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कॉलेज में क्लासमेट रहे हैं। उनकी दोस्ती आज भी गहरी है। उन्हें सीएम का दाहिना हाथ तक कहा जाता है। यानी, मैसेज यही है कि चुनाव गिरीश देवांगन नहीं, भूपेश बघेल लड़ेंगे।

इस चुनौती का असर ये होगा कि रमन सिंह अपनी सीट बचाने में यहीं सिमट कर रह सकते हैं। गिरीश के बहाने राजनांदगांव के मतदाता को एक विकल्प दिया गया है। अगर क्षेत्र का विकास चाहिए तो सीएम का राइट हैंड चुनों। क्योंकि यह बात भी सच है कि पिछले पांच सालों में राजनांदगांव में विकास लगभग थम सा गया है। सड़कें जर्जर हैं। पानी और बिजली की समस्या विकराल है। यानी राजनांदगांव में कांग्रेस ने भीतरघात से बचने और रमन सिंह को एक ही सीट तक सीमित करने की रणनीति तैयार कर ली है।

NED vs RSA WorldCup: धर्मशाला के मैदान में बड़ा उलटफेर.. अब नीदरलैंड ने साउथ अफ्रीका को पीटा, देखें स्कोरकार्ड

यानी कुल मिलाकर रमन सिंह का सफर आसान नहीं रहने वाला है। हालांकि, रमन सिंह के पास मतदाताओं का वो भरोसा है, जो पिछले 15 सालों से उनके साथ हैं। लेकिन रमन सिंह राजनीतिक के मंझे खिलाड़ी हैं। चुनावी रणनीति और बिसातों को काफी अच्छे से समझते हैं। इसलिए कहते भी हैं कि उनके लिए हर चुनाव चुनौती है, और इसे गंभीरता से लेते हैं।

अब जुड़े IBC24 के WhatsApp Channel से
IBC24 की अन्य बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

 


लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown