नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने शुक्रवार को महिला राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के तौर पर अमेलिया वाल्वरडे को नियुक्त करने के अपने फैसले का बचाव किया।
महासंघ ने कहा कि कोस्टा रिका की कोच को एएफसी एशियाई कप के लिए अल्पकालिक आधार पर नियुक्त किया गया था और आगामी क्षेत्रीय टूर्नामेंट के लिए घरेलू कोच पर विचार किया जाएगा
एआईएफएफ के कार्यवाहक महासचिव एम सत्यनारायण ने कहा कि महासंघ विदेशी कोचों से दूर नहीं हट रहा है बल्कि उसने आगे होने वाले सीमित मैच के जरिए भारतीय प्रतिभा को परखने का फैसला किया है। आगे के टूर्नामेंट में सैफ महिला चैंपियनशिप भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए बहुत कम विंडो होने और सैफ टूर्नामेंट के लिए तकनीकी समिति को लगा कि भारतीय कोच को परखने का यह सही समय है। ’’
उन्होंने यह भी बताया कि इस समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व कप्तान आई एम विजयन कर रहे हैं।
महिला समिति की अध्यक्ष वालंका अलेमाओ के इस आरोप के जवाब में कि वाल्वरडे की नियुक्ति में कार्यकारी समिति को नजरअंदाज किया गया सत्यनारायण ने स्वीकार किया कि समय की कमी थी, लेकिन कहा कि तकनीकी स्तर पर उचित प्रक्रिया का पालन किया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास समय की कमी थी लेकिन उनकी नियुक्ति को तकनीकी समिति ने मंजूरी दे दी थी। यह मामला नौ अप्रैल को कार्यकारी समिति के सामने रखा जाएगा, जहां सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। ’’
ऑस्ट्रेलिया में एशियाई कप के दौरान टीम की किट को लेकर हुए विवाद पर सत्यनारायण ने कहा कि यह ‘अनजाने में हुई गलती’ थी।
उन्होंने कहा कि यह गलती महासंघ और परफोरमैक्स के बीच हुए करार की समय सीमा खत्म होने के बाद लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के कारण हुई।
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