एआईएफएफ महासचिव ने राज्य इकाइयों की बैठक बुलाई, पत्र में पटेल की मौजूदगी का जिक्र

एआईएफएफ महासचिव ने राज्य इकाइयों की बैठक बुलाई, पत्र में पटेल की मौजूदगी का जिक्र

एआईएफएफ महासचिव ने राज्य इकाइयों की बैठक बुलाई, पत्र में पटेल की मौजूदगी का जिक्र
Modified Date: November 29, 2022 / 07:59 pm IST
Published Date: May 21, 2022 8:08 pm IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशल दास ने प्रफुल्ल पटेल को अध्यक्ष पद से हटाने और इसके दैनिक संचालन के लिए प्रशासकों की समिति (सीओए) के गठन के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद रविवार को राज्य इकाइयों की बैठक बुलाई है।

 दास ने ‘माननीय न्यायालय के हालिया आदेश से जुड़ी जानकारी देने के लिए’ रविवार को दोपहर तीन बजे सदस्य राज्य संघों के अध्यक्षों और सचिवों की एक अनौपचारिक ऑनलाइन  (वर्चुअल) बैठक बुलाई है।

एआईएफएफ के ‘लेटरहेड’ पर भेजे गए आमंत्रण में उन्होंने कहा, ‘प्रफुल्ल पटेल भी इसमें उपस्थित रहेंगे।’

प्रशासकों की समिति के सदस्यों में से एक एस वाई कुरैशी ने पीटीआई-भाषा से कहा था कि दास अपने पद पर बने रह सकते हैं।

दास एक वेतनभोगी अधिकारी हैं और पटेल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कार्यकारी समिति के निर्वाचित सदस्य नहीं हैं।  पटेल ‘वेस्टर्न इंडिया’ फुटबॉल संघ के भी अध्यक्ष है।

एक राज्य इकाई के अधिकारी ने हालांकि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त सीओए से परामर्श किए बिना ऐसी बैठक बुलाने के दास के अधिकार पर संदेह जताया।

इस अधिकारी ने सवाल किया, ‘‘ अब एआईएफएफ की कोई अध्यक्ष और कार्यकारी समिति नहीं है। दास सीओए के अधीन हैं और उनकी रिपोर्टिंग प्राधिकरण सीओए है। वह सीओए को जानकारी दिये बिना ऐसी बैठक कैसे बुला सकते हैं?’’

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश ए आर दवे की अध्यक्षता में एआईएफएफ के मामलों का प्रबंधन करने और राष्ट्रीय खेल संहिता और मानक दिशानिर्देशों के अनुरूप इसके संविधान को अपनाने के लिए तीन सदस्यीय प्रशासकों की समिति (सीओए) की नियुक्ति की। दवे के अलावा सीओए में डॉ एस .वाई. कुरैशी (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त) और भास्कर गांगुली (भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान) भी है।

पटेल का तीसरा कार्यकाल दिसंबर 2020 में समाप्त होना था, लेकिन वह 2017 से उच्चतम न्यायालय में लंबित एक मामले की दुहाई देकर अपने पद से चिपके रहे। उन्होंने नये संविधान के मसले पर शीर्ष अदालत का फैसला आने तक चुनाव कराने से भी इन्कार कर दिया था।

इस बीच, केरल फुटबॉल संघ (केएफए) ने शनिवार को फुटबॉल दिल्ली के कदमों पर चलते हुए  खेल की वैश्विक शासी निकाय फीफा से न्यायालय के आदेश के बाद भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाने का आग्रह किया।

केएफए के अध्यक्ष टॉम जोस ने फीफा महासचिव फातमा समौरा को लिखे पत्र में कहा, ‘… उसे (सीओए की नियुक्ति) देखते हुए, हमें लगता है कि फीफा भारत के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठा सकता है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया भारतीय फुटबॉल में इस स्थिति को संभालने में अत्यधिक सावधानी बरतें और उचित निर्णय लें जो भारतीय फुटबॉल के विकास के लिए उपयुक्त हो।’’

इससे पहले शुक्रवार को फुटबॉल दिल्ली के अध्यक्ष शाजी प्रभाकरन ने फीफा को भारत के खिलाफ ‘कोई प्रतिकूल कदम’ नहीं उठाने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा है।

भाषा आनन्द मोना

मोना


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