एआईएफएफ ने आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को सौंपे, 2026-27 सत्र पूर्ण रूप से आयोजित होगा
एआईएफएफ ने आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को सौंपे, 2026-27 सत्र पूर्ण रूप से आयोजित होगा
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के क्लबों के बीच बुधवार को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ जिसके तहत क्लबों को कम-से-कम अगले दो वर्षों तक देश की शीर्ष फुटबॉल लीग का पूर्ण संचालन करने का अधिकार मिलेगा।
एआईएफएफ ने आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को चार वर्षों के लिए सौंप दिए हैं। हालांकि क्लबों के पास दो वर्ष बाद इस व्यवस्था से एकतरफा बाहर निकलने का विकल्प भी रहेगा।
इस फैसले के साथ आईएसएल के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। एआईएफएफ और उसके तत्कालीन व्यावसायिक साझेदार एफएसडीएल के बीच ‘मास्टर राइट्स एग्रीमेंट’ पिछले वर्ष दिसंबर में समाप्त हो गया था।
इसके कारण 2025-26 सत्र के आईएसएल में देरी हुई और प्रतियोगिता को घटाकर केवल एकल चरण के 13-13 मैच प्रति क्लब तक सीमित कर दिया गया था जो लगभग तीन महीने से कुछ अधिक समय तक चली।
एआईएफएफ के उप महासचिव एम सत्यनारायण ने यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हमारी क्लबों के साथ कुछ महत्वपूर्ण बातों पर सहमति बनी है। हम उन्हें आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार सौंप रहे हैं। वहीं, हमेशा की तरह लीग के प्रशासनिक संचालन और उससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जिम्मेदारी एआईएफएफ के पास ही रहेगी। ’’
2026-27 का आईएसएल सत्र चार सितंबर से शुरू होगा। आईएसएल के संचालन के लिए एक ‘स्पेशल पर्पज व्हीकल’ (एसपीवी) का गठन किया जाएगा जिसे एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
प्रत्येक क्लब एआईएफएफ को प्रशासनिक शुल्क के रूप में 1.1 करोड़ रुपये दो किस्तों में देगा। यदि आगामी सत्र में सभी 14 क्लब भाग लेते हैं तो एआईएफएफ को कुल 15.4 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि रेफरी व्यवस्था, कानूनी मामलों, खेल की निष्पक्षता और डोपिंग रोधी सहायता जैसी नियामकीय जिम्मेदारियों से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए उपयोग की जाएगी।
इसके अलावा आईएसएल से होने वाले शुद्ध लाभ का 10 प्रतिशत एआईएफएफ को मिलेगा जबकि शेष 90 प्रतिशत लाभ क्लबों के बीच वितरित किया जाएगा।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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