भुवनेश्वर ‘वॉबली सीम’ का इस्तेमाल कर रहे इसलिए बल्लेबाज उन्हे परख नहीं पा रहे हैं: तेंदुलकर

भुवनेश्वर ‘वॉबली सीम’ का इस्तेमाल कर रहे इसलिए बल्लेबाज उन्हे परख नहीं पा रहे हैं: तेंदुलकर

भुवनेश्वर ‘वॉबली सीम’ का इस्तेमाल कर रहे इसलिए बल्लेबाज उन्हे परख नहीं पा रहे हैं: तेंदुलकर
Modified Date: May 31, 2026 / 07:33 pm IST
Published Date: May 31, 2026 7:33 pm IST

अहमदाबार, 31 मई (भाषा) अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी रणनीति से खासे प्रभावित महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि भुवनेश्वर की ‘वॉबली सीम’ के साथ सीधी लाइन पर की जा रही सटीक गेंदबाजी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बेहतरीन बल्लेबाजों को भ्रमित कर दिया है।

वॉबल सीम तेज गेंदबाजी की ऐसी तकनीक है, जिसमें गेंदबाज गेंद को छोड़ते समय जानबूझकर उसकी सीम (सिलाई) को सीधा नहीं रखता, बल्कि उसे थोड़ा टेढ़ा कर देता है इससे गेंद हवा में लहराती हुई जाती है और पिच पर टप्पा खाने के बाद किसी भी दिशा में मुड़ सकती

छत्तीस वर्षीय भुवनेश्वर ने भारत के लिए अपना पिछला मैच 2022 में खेला था। वह गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल से पहले इस सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में 26 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

मेरठ के इस अनुभवी गेंदबाज ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के फाइनल तक के सफर में युवा और अनुभवी दोनों तरह के बल्लेबाजों को परेशान किया है।

तेंदुलकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भुवनेश्वर कुमार ने इस सत्र में वास्तव में शानदार गेंदबाजी की है। पिछले सत्रो में वह बड़ी आउटस्विंगर और उसके बाद बड़ी इनस्विंगर गेंद डालते थे। शायद यह उनका सोचा-समझा फैसला रहा हो, लेकिन इस बार वह जितना संभव हो सके, उतनी सीधी लाइन पर गेंदबाजी कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि बल्लेबाज भुवनेश्वर की कलाई की स्थिति को पढ़ पाने में असफल हो रहे हैं और गेंद पिच पर पड़ने के बाद किस दिशा में मूव करेगी, इसका अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं।

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘भुवनेश्वर वॉबली सीम के साथ गेंदबाजी कर रहे हैं और गेंद पिच पर पड़ने के बाद किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर बल्लेबाज असमंजस में रहते हैं। उनकी गेंदबाजी बेहद सटीक रही है। उनकी लाइन ऑफ स्टंप या अधिकतम चौथे स्टंप की लाइन पर रहती है। वह उसी चैनल में लगातार गेंदबाजी कर रहे हैं और सीम की हलचल बल्लेबाजों को भ्रमित कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजों को उनकी कलाई से कोई संकेत नहीं मिलता। यही बात उनके लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है और भुवनेश्वर को सफलता दिला रही है।’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


लेखक के बारे में