बोपन्ना एआईटीए में प्रशासनिक भूमिका निभाने को तैयार, कहा: वास्तविक बदलाव लाना चाहूंगा

बोपन्ना एआईटीए में प्रशासनिक भूमिका निभाने को तैयार, कहा: वास्तविक बदलाव लाना चाहूंगा

बोपन्ना एआईटीए में प्रशासनिक भूमिका निभाने को तैयार, कहा: वास्तविक बदलाव लाना चाहूंगा
Modified Date: May 19, 2026 / 05:19 pm IST
Published Date: May 19, 2026 5:19 pm IST

(देवार्चित वर्मा)

मुंबई, 19 मई (भाषा) दिग्गज खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने मंगलवार को अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) में कोई प्रशासनिक भूमिका निभाने की इच्छा जाहिर की। बोपन्ना ने कहा कि वह वास्तव में बदलाव लाना पसंद करेंगे।

एआईटीए के जल्द ही चुनाव होने वाले हैं।

पिछले महीने दिल्ली उच्च न्यायालय ने सितंबर 2024 के चुनाव नतीजों को बरकरार रखने की अनुमति दे दी थी लेकिन चुनी हुई संस्था को केवल एक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर काम करने का निर्देश दिया था। चुने हुए लोगों को अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासक पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल की देखरेख में काम करना था।

अदालत ने न्यायमूर्ति मित्तल को यह भी निर्देश दिया था कि वे संविधान को खेल अधिनियम 2025 और खेल प्रशासन नियम 2026 के अनुरूप बनाने के बाद तीन महीने के भीतर नए चुनाव करवाएं।

बोपन्ना ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘चुनाव आने वाले हैं और हां, अगर भारतीय खेल को बदलने का कोई मौका मिलता है और मैं उसका हिस्सा बन पाता हूं तो मुझे इससे जुड़कर बहुत खुशी होगी। ऐसी जगह जहां मैं भारतीय टेनिस के विकास में सचमुच कोई बदलाव ला सकूं।’’

बोपन्ना ने यहां कार निर्माता कंपनी किया और टेनिस प्रीमियर लीग की तीन साल की साझेदारी की घोषणा के मौके पर यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘‘असल में इसी चीज की जरूरत है- किसी पद पर बने रहने के लिए वहां मौजूद रहना नहीं, बल्कि सचमुच कोई असर डालना। अगर मैं कोई असर डाल सकता हूं तो क्यों नहीं?’’

अपनी अकादमी में अपने ‘डबल्स ड्रीम ऑफ इंडिया’ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए बोपन्ना ने कहा कि भारतीय टेनिस के लिए अपनी ताकतों पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज एकल की तुलना में युगल के बेहतर होने का एकमात्र कारण यह है कि हमारे पास एक कार्यक्रम है जिसका हम युगल कार्यक्रम के लिए समर्थन करते हैं और इसे ‘डबल्स ड्रीम ऑफ इंडिया’ कहा जाता है। इसके लिए हमारे पास एक प्रयोजक है और इसके तहत हम इन युगल खिलाड़ियों को कोच और फिजियो की मदद दे रहे हैं।’’

बोपन्ना ने कहा, ‘‘यह भी एक कारण है कि एकल की तुलना में युगल में काफी सुधार हुआ है। इसी तरह हमें एकल खिलाड़ियों के लिए भी ऐसे ही ढांचों की जरूरत है। मेरा नजरिया यह है कि आज हमारे पास जो खिलाड़ी मौजूद हैं हमें उन्हीं का समर्थन करना चाहिए, ना कि उन चीजों के बारे में सोचना चाहिए जो हमारे पास नहीं हैं।’’

कर्नाटक राज्य लॉन टेनिस संघ के उपाध्यक्ष की भूमिका भी निभा रहे बोपन्ना ने कहा कि संचालन संस्था राज्य में कई टूर्नामेंट लाने में सफल रही है।

अब जब दक्षिणेश्वर सुरेश भी रोहन बोपन्ना अकादमी का हिस्सा बन गए हैं तो इस पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि उनकी अकादमी का मकसद सभी उम्र और वर्ग के खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास करना है।

टेनिस प्रीमियर लीग के आगामी सत्र में खेलने के संदर्भ में बोपन्ना ने कहा कि वह आगामी सत्र से पहले फिट रहने का प्रयास कर रहे हैं।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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