गेंदबाजी कोच कोच रंगराजन के भरोसे ने दिया नये प्रयोगों का आत्मविश्वास: कृणाल
गेंदबाजी कोच कोच रंगराजन के भरोसे ने दिया नये प्रयोगों का आत्मविश्वास: कृणाल
(तस्वीरों के साथ) … अमित आनंद…
नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हरफनमौला कृणाल पंड्या ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पिछले दो सत्रों में अपनी गेंदबाजी में आए बदलाव का श्रेय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच मलोलन रंगराजन को देते हुए कहा कि उनके भरोसे ने उन्हें नए प्रयोग करने की स्वतंत्रता दी। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ सोमवार को टीम की महज 6.3 ओवर में नौ विकेट से बड़ी जीत के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें विकेट लेने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे वह खुलकर नए प्रयोग कर सकते हैं। आरसीबी ने कैपिटल्स को महज 75 रन पर आउट करने के बाद 81 गेंद शेष रहते एकतरफा जीत दर्ज की। इस आईपीएल में अपनी तेज रफ्तार वाली बाउंसर गेंदों से बल्लेबाजों की परेशानी बढ़ाने वाले कृणाल ने कहा, ‘‘हमारे स्पिन बॉलिंग कोच मलोलन रंगराजन को भी काफी श्रेय जाना चाहिए। जब मैं आरसीबी में आया, तो मेरी भूमिका बदल गई। मुझे विकेट लेने और प्रयोग करने की आजादी मिली। यह भरोसा बहुत मदद करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने आईपीएल खेलना शुरू किया, तब मेरी भूमिका रन रोकने की थी। मैं बिना कुछ नया जोड़े भी यह काम कर पा रहा था, लेकिन पिछले दो-तीन साल में ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम के बाद बल्लेबाजी के तरीके में काफी बदलाव आया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपका कोच आप पर विश्वास जताता है और आत्मविश्वास देता है, तो इसका काफी असर पड़ता है। मुझे विकेट लेने की जिम्मेदारी पसंद आने लगी है और मैं अपने नए प्रयोगों को आजमाना चाहता हूं। मैं सिर्फ दिखावे के लिए बाउंसर नहीं डालता, इसके पीछे ठोस तर्क और योजना होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल आरसीबी के साथ मेरा सत्र अच्छा रहा। मैं सोच रहा था कि अपने खेल में क्या नया जोड़ूं, ताकि मानसिक रूप से बल्लेबाज से एक कदम आगे रह सकूं। इसी वजह से मैंने बाउंसर और ‘लो-आर्म ट्राजेक्टरी’ वाली गेंद का इस्तेमाल शुरू किया।’’ कृणाल की यह रणनीति बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ भी कारगर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘वामहस्त बल्लेबाजों के खिलाफ बाएं हाथ के गेंदबाजों के इस्तेमाल को लेकर काफी चर्चा होती है। मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया और अब तक यह मेरे लिए कारगर साबित हुआ है।’’ इस अनुभवी हरफनमौला ने कहा, ‘‘अब रन-अप शुरू करने से पहले ही यह सोचना पड़ता है कि गेंद कहां डालूं, क्योंकि ऐसा लगता है कि बल्लेबाज हर गेंद को छक्के के लिए मारेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसी वजह से मैंने बाउंसर को अपने खेल में शामिल किया। हालांकि, मैं अभ्यास सत्र में बाउंसर का ज्यादा अभ्यास नहीं करता, क्योंकि इसमें काफी मेहनत लगती है। मैं खुद को फिट रखने के लिए इसे मुख्य रूप से मैचों में ही इस्तेमाल करता हूं।’’ इस 35 वर्षीय गेंदबाज ने कहा, ‘‘स्पिनर के लिए बाउंसर डालना आसान नहीं है। इसके लिए फिटनेस बहुत जरूरी होती है, क्योंकि कम रन-अप में इतनी गति पैदा करना चुनौतीपूर्ण होता है।’’ कृणाल ने इस मौके पर दिग्गज विराट कोहली को आईपीएल में 9000 रन पूरे करने की बधाई भी दी। कोहली 15 गेंद में नाबाद 23 रन की पारी के दौरान इस लीग में 9000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। उन्होंने यह कारनामा 275 मैचों और 267 पारियों में 40.05 की औसत और नौ शतकों की मदद से किया। कृणाल ने कहा, ‘‘ कोहली अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं। पिछले 15–20 वर्षों में उन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे अविश्वसनीय हैं। उनकी निरंतरता और जीत की भूख वाकई काबिले तारीफ है। इतने लंबे समय तक इस स्तर पर लगातार प्रदर्शन करते रहना बेहर खास है।’’ उन्होंने कहा कि कोहली ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस की सोच को पूरी तरह बदल दिया है। कृणाल ने कहा, ‘‘उन्होंने लोगों के खेल को देखने के तरीके को फिटनेस के नजरिए से बदल दिया है। वे भारत में फिटनेस संस्कृति के अग्रदूत रहे हैं।’’ भाषा आनन्द पंतपंत

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