अदालत ने स्कीइंग खिलाड़ी मनजीत को आईओए अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की अनुमति दी

अदालत ने स्कीइंग खिलाड़ी मनजीत को आईओए अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की अनुमति दी

अदालत ने स्कीइंग खिलाड़ी मनजीत को आईओए अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की अनुमति दी
Modified Date: February 20, 2026 / 07:00 pm IST
Published Date: February 20, 2026 7:00 pm IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) चयन विवाद के कारण शीतकालीन ओलंपिक में भाग नहीं ले सके क्रॉसकंट्री स्कीइंग खिलाड़ी मनजीत को दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय ओलंपिक संघ के एक अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति दे दी है जिसे इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय संस्था से बात करते समय ‘ प्रथम दृष्टया गुमराह करने वाला रवैया अपनाते’ हुए पाया गया है ।

अदालत ने 30 जनवरी के फैसले में आईओए को जमकर फटकार लगाई और इटली में चल रहे शीतकालीन ओलंपिक के लिये उसके चयन के मानदंडों को स्पष्ट रूप से मनमाने और अनुचित बताया है । इसके साथ ही मनजीत की भागीदारी का रास्ता बनाने के भी निर्देश दिये थे ।

मनजीत खेलों में भाग नहीं ले सका क्योंकि खिलाड़ियों की लंबी सूची जमा करने की समय सीमा बहुत पहले निकल चुकी थी और आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ समिति की पसंद रहे स्टांजिन लुंडुप ने छह फरवरी से शुरू हुए खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया ।

वह पुरूषों की 10 किलोमीटर फ्रीस्टाइल क्रॉसकंट्री स्कीइंग में 104वें स्थान पर रहे ।

अदालत के निर्देश पर आईओए के कानूनी सलाहकार एस कुमुदावल्ली ने एफआईएस ( अंतरराष्ट्रीय स्की और स्नोबोर्ड महासंघ) की येलेना दोसिनोविच को लिखकर मनजीत की भागीदारी के लिये मदद का अनुरोध किया ।

एफआईएस ने आईओए से सीधे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से संपर्क करने को कहा जिसने साफ कर दिया कि समय सीमा बीत जाने से यह अनुरोध माना नहीं जा सकता ।

येलेना उस तदर्थ समिति की सदस्य है जिसने लुंडुप का चयन किया था । उनसे बात करते समय आईओए ने न सिर्फ अदालत के फैसले का जिक्र किया बल्कि चयन के मानदंडों को भी समझाया जिसके आधार पर मनजीत को बाहर रखा गया था ।

अदालत ने कहा है कि आईओए का तरीका फैसले को गलत तरीके से पेश करने जैसा था ।

न्यायमूर्ति जसमीत ने अपने फैसले में कहा ,‘‘ मेरा ध्यान 30 जनवरी 2026 को रात नौ बजकर 53 मिनट 15 सेकंड पर आईओए के सीईओ की तरफ से भेजे गए एक ईमेल की ओर गया है जिसमें इस अदालत के फैसले का मतलब निकालते समय अपनाया गया तरीका पहली नजर में भ्रमित करने वाला और फैसले को गलत तरीके से बताने वाला लगता है ।’’

ताजा आदेश में कहा गया ,‘‘इस कारण से याचिकाकर्ता को अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति है।’’

खेल मंत्रालय ने छह फरवरी को सरकार के खर्च से इतर लुंडुप के शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेने को मंजूरी दी थी । इससे पहले आईओए ने कहा था कि उसकी जगह मनजीत को भेजना संभव नहीं है ।

भाषा मोना आनन्द

आनन्द


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