बीसीसीआई से केंद्रीय अनुबंध होने के बावजूद क्या केकेआर ने चोटिल चक्रवर्ती को मैदान पर उतारा?

बीसीसीआई से केंद्रीय अनुबंध होने के बावजूद क्या केकेआर ने चोटिल चक्रवर्ती को मैदान पर उतारा?

बीसीसीआई से केंद्रीय अनुबंध होने के बावजूद क्या केकेआर ने चोटिल चक्रवर्ती को मैदान पर उतारा?
Modified Date: May 17, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: May 17, 2026 4:48 pm IST

(कुशान सरकार)

नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) देश बनाम क्लब की बहस एक बार फिर शुरू हो गई है जब वरुण चक्रवर्ती ने शनिवार को आईपीएल मैच में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए अपने कोटे के पूरे ओवर डाले जबकि भारत के शीर्ष टी20 स्पिनर को हेयरलाइन फ्रेक्चर था जिसके लिए आराम की जरूरत थी।

चक्रवर्ती को दर्द में लंगड़ाते हुए और गेंदबाजी करते देखना भारतीय टीम से जुड़े लोगों को अच्छा नहीं लगा, विशेषकर तब जब देश को अगले महीने डबलिन और इंग्लैंड में सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘मुझे पक्का पता है कि केकेआर के फिजियो टीम इंडिया के फिजियो (कमलेश जैन) के संपर्क में हैं। केकेआर की तरफ से बीसीसीआई को बताया गया है कि पिछले मैच में वरुण को बाउंड्री बचाते समय बाएं पैर में चोट लग गई थी। पता चला है कि उन्हें हेयरलाइन फ्रेक्चर है। मेरा मानना ​​है कि बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध वाले खिलाड़ी के तौर पर उनकी फिटनेस सबसे जरूरी है और बीसीसीआई की मेडिकल टीम दखल दे सकती है। जैन से पूछा जा सकता है कि केकेआर की मेडिकल टीम से क्या जानकारी मिली थी।’’

चक्रवर्ती को टी20 विशेषज्ञ माना जाता है और अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी घरेलू श्रृंखला के दौरान सबसे छोटे प्रारूप के मैच नहीं हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या तमिलनाडु के इस स्पिनर को 26 जून से शुरू होने वाले ब्रिटेन दौरे से पहले चोट से उबरने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। डर है कि फ्रेंचाइजी की इस बेताबी की वजह से उनकी चोट बढ़ भी सकती है।

सवाल उठ रहे हैं कि जब खिलाड़ी गेंदबाजी के लिए वापस जाते हुए साफ तौर पर असहज महसूस कर रहा था तो उन्होंने खुद गेंदबाजी क्यों नहीं रोकी। उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 47 रन दिए और सिर्फ तीन डॉट गेंद ही फेंक पाए।

अधिकारी ने सवाल किया, ‘‘अगर वरुण को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पिछले मैच में पैर की चोट की वजह से आराम दिया गया था तो यह जानना जरूरी है कि वह चार दिन के ब्रेक (आठ मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ) के बाद उस मैच (13 मई को) में कैसे नहीं खेल सके, लेकिन शनिवार को खेले। हां, केकेआर का अभियान दांव पर है लेकिन क्या बीसीसीआई फ्रेंचाइजी को इस तरह की लापरवाही की इजाजत दे सकता है? एक खिलाड़ी दर्द के बावजूद खेलना चाहेगा लेकिन क्या यह सही बात है?’’

यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फिजियो कमलेश जैन की अगुवाई वाली बीसीसीआई की मेडिकल टीम अगले दो मैच के दौरान केकेआर को चक्रवर्ती को मैदान पर नहीं उतारने के लिए कहती है।

नाइट राइडर्स को ईडन गार्डन्स में मुंबई इंडियंस (20 मई) और दिल्ली कैपिटल्स (24 मई) के साथ खेलना है।

भाषा सुधीर पंत

पंत


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