दो साल से भूमिका में स्पष्टता नहीं होने के कारण भारतीय टीम से अलग होना चाहते हैं डोएशे
दो साल से भूमिका में स्पष्टता नहीं होने के कारण भारतीय टीम से अलग होना चाहते हैं डोएशे
(कुशान सरकार)
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे ने अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त होने की इच्छा जताई है जबकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) टी दिलीप की जगह उन्हें टीम के साथ रखना चाहता है। दिलीप का प्रदर्शन पिछले एक साल में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।
हालांकि डोएशे को अब तक रिलीज नहीं किया गया है लेकिन नीदरलैंड के पूर्व कप्तान आईपीएल में लौटना चाहते हैं और उन्होंने एक फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत भी की है।
माना जाता है कि जब मुख्य कोच गौतम गंभीर (जिन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स में डोएशे के साथ काम किया था) की जबरदस्त सिफारिश पर डोएशे को टीम से जोड़ा गया था तो उनसे विशेषज्ञ क्षेत्ररक्षण कोच की जिम्मेदारी का वादा किया गया था लेकिन दो साल बाद भी यह मामला सुलझ नहीं पाया है।
बीसीसीआई के एक सीनियर सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ‘‘आपके पास बल्लेबाजी कोच के तौर पर (सितांशु) कोटक हैं और खुद गौती (गंभीर) भी बल्लेबाजों को देखते हैं। मोर्ने (मोर्कल) तेज गेंदबाजों के प्रभारी हैं और साईराज (बहुतुले) स्पिनरों को देखते हैं। जब टेंडो (डोएशे) को टीम में लाया गया था तो उनसे क्षेत्ररक्षण कोच की जिम्मेदारी का वादा किया गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिलीप को अभिषेक नायर (सहायक कोच), सोहम देसाई (स्ट्रैंथ एवं अनुकूलन कोच) और अरुण कनाडे (मालिशिया) के साथ 2025 चैंपियन्स ट्रॉफी के बाद हटाया जाना था।’’
सूत्र ने कहा, ‘‘हालांकि दिलीप के लिए एक सीनियर खिलाड़ी की जबरदस्त सिफारिश आई और दिलीप को एक साल का सेवा विस्तार मिल गया जबकि टेंडो के पास असल में कोई खास भूमिका नहीं थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वह एक शानदार कोच हैं लेकिन दिलीप के वहां होने की वजह से उनका इस्तेमाल नहीं हो पाया।’’
अब यह इस बात पर निर्भर करेगा कि डोएशे को रुकने के लिए क्या मुख्य कोच गंभीर मना पाते हैं या नहीं क्योंकि क्षेत्ररक्षण कोच के तौर पर दिलीप उनकी पहली पसंद नहीं थे।
ब्रिटेन दौरे पर टी20 मुकाबलों के दौरान भारतीय टीम का क्षेत्ररक्षण बहुत ही खराब रहा। दिलीप का एक साल का सेवा विस्तार पहले ही पूरा हो चुका है और अगर उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए वापस लाया जाता है तो यह हैरानी की बात होगी।
अगर डोएशे को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाता है तो बीसीसीआई के पास फिलहाल दिलीप के साथ ही काम जारी रखने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।
भाषा सुधीर
सुधीर

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