धीरज ने अपना पहला व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण जीतकर ‘स्वर्णिम डबल’ पूरा किया
धीरज ने अपना पहला व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण जीतकर ‘स्वर्णिम डबल’ पूरा किया
अंताल्या, 14 जून (भाषा) धीरज बोम्मादेवरा ने रविवार को यहां पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू सियोक को रोमांचक फाइनल में 7-3 से हराकर अपना पहला व्यक्तिगत तीरंदाजी विश्व कप स्वर्ण पदक जीतकर यादगार ‘स्वर्णिम डबल’ पूरा किया।
इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिश्रित टीम का खिताब जीता था।
दुनिया में 18वें नंबर के भारतीय सेना के तीरंदाज ने बेहतर रैंकिंग वाले कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ शांत रहकर शानदार प्रदर्शन किया और अपने करियर का सबसे अहम दिन यादगार बनाया।
धीरज ने शुरुआती दो सेट 30-29 और 29-28 से जीतकर 5-1 की बढ़त बना ली जबकि तीसरा सेट 27-27 से बराबरी पर छूटा।
चौथे सेट में ली ने वापसी की। उन्होंने दो बार 10 और एक बार 9 का स्कोर करके सेट 29-27 से जीता जबकि धीरज परफेक्ट स्कोर नहीं बना पाए जिससे अंतर कम होकर 3-5 हो गया।
लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय नहीं बिगड़ने दी। 5-3 की बढ़त के साथ धीरज ने शानदार फाइनल सेट खेलकर मुकाबला अपने नाम किया। उन्होंने लगातार तीन बार 10 (जिसमें एक ‘एक्स’ भी शामिल था) का स्कोर करके स्वर्ण पदक पक्का किया।
कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिश्रित टीम स्वर्ण जीतने के कुछ ही घंटों बाद धीरज व्यक्तिगत मुक़ाबले में उतरे और जर्मनी के मोरित्ज वीजर को कड़े मुक़ाबले वाले सेमीफाइनल में 6-4 से हराकर शानदार वापसी की।
धीरज पहला सेट 26-27 से हार गए। अगले दो सेट 28-28 से बराबरी पर छूटे, जिससे तीन सेट के बाद भारतीय खिलाड़ी 2-4 से पीछे हो गया।
अब धीरज पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने तीन बार 10 का स्कोर करके चौथा सेट 30-27 से जीता और स्कोर 4-4 से बराबर कर लिया।
फैसले वाले सेट में दबाव के बीच वीजर का दूसरा तीर भटककर पांच पर लगा। हालांकि धीरज ने अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने 9, 10 और 9 का स्कोर करके सेट 28-23 से जीता और अपना पहला विश्व कप फाइनल पक्का किया।
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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